अमर उजाला एक्सक्लूसिव
अब आम बंदी भी एक साल के अंदर ब्लड रिलेशन में हुई मौत में हो सकेंगे शामिल
- अभी तक उम्रकैद पाए दोषियों को ही एक साल से पहले ब्लड रिलेशन में मौत होने पर अंतिम संस्कार में शामिल होने का है अधिकार
- जेल मंत्री ने सीएम के पास भेजा प्रस्ताव, तीन माह के अंदर आम बंदियों के लिए बन सकता है नया कानून
महबूब अली
रोहतक। अब आम कैदी भी सजा के एक साल के अंदर ही ब्लड रिलेशन में मौत होने पर अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे। अभी तक उम्र कैद के सजायाफ्ता कैदियों के लिए ही यह नियम था। इस संबंध में जेल मंत्री ने प्रदेश के सीएम के पास नया कानून बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। तीन माह के अंदर नया कानून बनने की संभावना है। अगर ये नियम लागू होता है तो सुनारिया जेल में बंद रामरहीम को भी भविष्य में इसका फायदा मिल सकता है।
जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ही सजा का एक साल पूरा होने से पहले ब्लड रिलेशन में मौत होने पर अधिकारियों की अनुमति के बाद अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। जबकि आम बंदियों को पहले एक साल तक किसी भी मौत में शामिल होने देेने का नियम नहीं है। कई आम बंदी व उनके परिजनों ने जेल में बंद रहने के दौरान एक साल के अंदर मौत होने पर उन्हें मौत में शामिल होने के लिए अनुमति देने की मांग की थी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की गई है। सीएम के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
यह है नियम
वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह, सौरभ गोयल ने बताया कि हरियाणा गुड कंडेक्ट क्रिमनल टेम्पेरी रिलीज एक्ट 1988 के अनुसार उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी नियमानुसार कभी भी ब्लड रिलेशन में मौत होने पर उसमें शामिल हो सकते हैं। मगर चार साल या उससे ऊपर की सजा काट रहे बंदियों को पहले साल तक ब्लड रिलेशन में मौत होने के बाद भी उसने शामिल नहीं होने देने का नियम है।