काशीपुर। लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे एक युवक ने साथी महिला के साथ अनबन के चलते उसके तीन बच्चों का अपहरण कर हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में छोड़ दिया। यह बच्चे हल्द्वानी बाल कल्याण समिति के संरक्षण में है। बच्चों के भटकने की खबर देखकर उनकी मां ने सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष से बच्चे वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर तीन बच्चे 26 जून को मिले थे। जिन्हें हल्द्वानी की बाल सहायता समिति को सौंपा गया। काउंसलिंग में बच्चों ने अपने पिता का नाम नन्हे और मां का नाम मीना बताया जबकि उन्होंने अपने नाम गोपाल (आठ), विपिन (छह), विशाल (दो) बताए थे। बच्चों के भटकने के संबंध में अमर उजाला के 27 जून के अंक में खबर छपी थी। यह खबर ग्राम हरियावाला में किराए पर रह रही बच्चों की मां मीना ने देखी। उसने ग्राम प्रधान राजकुमार के माध्यम से सीडब्ल्यूसी की अध्यक्षा डॉ. रजनीश बत्रा से संपर्क किया। डॉ. बत्रा ने बताया कि देहरादून से लौटकर वह शुक्रवार को कार्रवाई करेंगी। मीना ने बताया कि वह मूलत: जगदीशपुर इलाहाबाद की निवासी है। उसका विवाह वेदनाथ से हुआ था, जिससे उसके चार पुत्र हैं। शक्तिफार्म (सितारगंज) निवासी किशन उर्फ विष्णु उसके पति के साथ मजदूरी करता था। प्रेम प्रसंग होने पर छह माह पूर्व वह बच्चों को साथ लेकर विष्णु के साथ सितारगंज आ गई। पिछले दो माह से विष्णु उर्फ किशन काठगोदाम में मजदूरी कर रहा है। ठाकुरद्वारा के मदारपुर निवासी नन्हे भी वहां मजदूरी करता था। उसके साथ नजदीकियां बढ़ने पर वह विष्णु को छोड़कर नन्हे के साथ रहने लगी। उन्होंने हरियावाला में एक कमरा ले लिया। इस बीच नन्हे ने उसके साथ मारपीट की। इससे उनके संबंध बिगड़ गए। 25 जून को बच्चे गांव में एक ट्यूबवेल पर नहाने गए थे। जहां से नन्हें उन्हें अपने साथ हल्द्वानी ले गया जबकि एक पुत्र नंदू घर पर ही रह गया। घटना के बाद से नन्हे भी गायब है।