अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सुनारिया जेल के कैदी नंबर 8647 गुरमीत राम रहीम के स्वास्थ्य की जांच में जेल प्रशासन अपनी तरफ से ढिलाई नहीं बरतना चाहता। ऐसे में असमंजस की स्थिति बनी है कि जेल में विशेषज्ञ डॉक्टर हैं नहीं और राम रहीम को आसानी से बाहर ला पाना भी संभव नहीं है। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन पीजीआई या स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके आग्रह कर सकता है कि उनके कैदी की जांच के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों के बोर्ड को जेल में ही भेजा जाए। वहीं इस संबंध में पीजीआई के डॉक्टरों की मानें तो गुरमीत को संस्थान में लाने की बजाए वहीं उपचार देना सही रहेगा। पीजीआई में कैदियों के लिए जो वार्ड है वह अधिक सुरक्षित नहीं है। इसके अतिरिक्त संस्थान में मरीजों की अधिक संख्या होने के चलते कई तरह की परेशानियां हो सकती है। इसलिए बेहतर विकल्प यही हो सकता है कि जरूरत के हिसाब से राम रहीम को जेल में ही जहां तक संभव हो उपचार उपलब्ध करवाया जाए। गौरतलब है कि जेल में उपलब्ध डॉक्टर बतौर मेडिकल आफिसर हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग से हर सप्ताह डॉक्टर भी कैदियों की जांच के लिए जाते हैं।