अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पूर्व सरपंच के कार्यकाल में गांव में किए गए विकास कार्यों की अनियमितताओं की शिकायत डीसी से करना एक युवक को भारी पड़ गया। डीसी ने जो जांच टीम गठित की, उसी के सदस्यों से पूर्व सरपंच ने मिलीभगत करके युवक का अपहरण करवा लिया। इसके बाद पांच घंटे तक युवक की खूब पिटाई की। जब उसने शिकायत वापस लेने की बात कही तो उसे छोड़ा। इस संबंध में आरोपी संदीप, नसीब उर्फ काला, जोगिंद्र सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आठ धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव कबूलपुर निवासी जयपाल ने बताया कि वह वर्तमान में बहादुरगढ़ के सेक्टर-6 में रहता है और रोहतक में पढ़ाई कर रहा है। जयपाल ने बताया कि उसने पूर्व सरपंच के कार्यकाल में हुए विकास कार्य में हुईं अनियमितताओं की शिकायत डीसी से की है। मामले की जांच के लिए डीसी ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने मामले की जांच शुरू करके 12 जून को सैंपल लिये थे। 24 जून को वह मां के साथ गांव आया था। यहां पर जयपाल ने जेई मोहन से संपर्क किया। जेई ने बताया कि उसने वह गांव में आया है।
इसके बाद जयपाल अपने जीजा की कार लेकर मोहन से मिलने पहुंच गया। यहां पर पहले से ही चिराग नाम का युवक अपने एक अन्य साथियों के साथ खड़ा था। आरोप है कि जब वह सरपंच संदीप के मकान के बाहर पहुंचा तो आरोपियों ने उसका रास्ता रोक लिया। इसके बाद संदीप को आवाज लगाकर मकान से बाहर बुलाया। आरोपी नसीब, काला और जोगेंद्र पीड़ित जयपाल का अपहरण कर संदीप के मकान में ले गए। यहां पर बंधक बनाकर आरोपियों ने राड से जयपाल पर हमला किया। संदीप और नसीब ने जयपाल के पैर पकड़े और घसीटते हुए गली में ले गए। यहां पर भी आरोपियों ने जयपाल की पिटाई की। बेसुध होने पर जयपाल को उसके जीजा की कार में डालकर खेतों में ले गए।
शिकायत वापस लेने के आश्वासन पर छोड़ा
आरोपियों ने जयपाल को मारकर खेत में दबाने की धमकी की। इसके बाद जयपाल ने आश्वासन दिया कि वह अपनी शिकायत वापस ले लेगा। हालांकि इसके बाद आरोपी शांत हो गए। उन्होंने जयपाल से कहा कि इस मामले का किसी के सामने जिक्र मत करना। आरोपी जयपाल को गांव बालंद के स्वास्थ्य केंद्र में लेकर आ गए। जयपाल ने बताया कि यहां से एक परिचित राकेश ने उसे पीजीआई में भर्ती करवाया। आरोपी करीब पांच घंटे तक जयपाल का अपहरण कर उसके साथ मारपीट करते रहे। जयपाल ने स्वास्थ्य ठीक होने के बाद सोमवार को पुलिस को बयान दिए। उसने आरोप लगाया कि जांच टीम के जेई मोहन, सचिव अरुण गुप्ता, चिराग और अन्य ने साजिश रचकर संदीप, जोगेंद्र, नसीब, काला से मिलकर हमला करवाया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, रास्ता रोकना, जान से मारने की धमकी देना सहित आठ धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी पंकज ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।