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एक महीने पहले बनी एकेडमी में ही बना दिया एयरफोर्स भर्ती का परीक्षा केंद्र, परीक्षा पास कराने को साढ़े तीन लाख तक में सौदा

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एक महीने पहले बनी एकेडमी में ही बना दिया एयरफोर्स भर्ती का परीक्षा केंद्र, परीक्षा पास कराने को साढ़े तीन लाख तक में सौदा
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फोटो :

रिमोट पर कम्प्यूटर लेकर ऑनलाइन पेपर हल कराने से नहीं पकड़े जाने का डर
- नकल के खेल में पकड़े जाने का खतरा न होने के चलते गिरोह ने अपनाया यह तरीका

विकास सैनी
रोहतक। एयरफोर्स में भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा भी नकल गिरोह से बच नहीं सकी। परीक्षा में पास करा कर नौकरी दिलाने के लिए गिरोह ने कंप्यूटर तक में सेंध लगा दी। उम्मीदवारों को एयर फोर्स में चयन के लिए परीक्षा पास कराने के नाम पर तीन से साढे़ तीन लाख रुपये में सौदा हुआ। ऐसे में यह खेल करोड़ों का है। यह अपने आपमें सवाल खड़े करता है कि शहर के बाहर हिसार बाइपास पर श्रीकृष्णा ऑन लाइन सोल्यूशन के नाम से एकेडमी करीब एक महीने पहले ही बनी है। एकेडमी बनते ही यहां एयर फोर्स भर्ती का परीक्षा केंद्र बना दिया। नई एकेडमी में परीक्षा केंद्र बनाया जाना गिरोह की पहले से सोची समझी साजिश की ओर भी संकेत करता है। गिरोह ने अपने पकड़े जाने की संभावना कम करते हुए नकल के लिए रिमोट सिस्टम का इस्तेमाल किया। इसकी वजह नकल कराने के बाद किसी तरह का रिकॉर्ड नहीं होने से पकड़े जोन का डर नहीं रहता है। यही वजह रही कि गिरोह ने यह सिस्टम अपनाया।

मोबाइल ट्रेस हुए तो घिर सकते हैं और भी नकलची
ऑन लाइन भर्ती परीक्षा में नकल कराने के खेल में मोबाइल फोन बड़ा खुलासा कर सकता है। पुलिस हिसार बाइपास इलाके के मोबाइल फोनों की लोकेशन ट्रेस करें तो और भी नकलचियों के पकड़े जाने की संभावना है। परीक्षा पास कराने के लिए हुए सौदे का भी खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।
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क्या है रिमोट सिस्टम
देश दुनिया में किसी कम्प्यूटर को दूसरी जगह बैठा व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है। इसके लिए रिमोट सॉफ्टवेयर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह बाजार व इंटरनेट पर उपलब्ध है। इसका इस्तेमाल भी आसान है। इसकी किसी तरह की पहचान संख्या नहीं होती है। इसलिए पकड़े जाने की संभावना न के बराबर होती है। इस तरह केस में नकल करते समय ही साइबर सेल या साइबर एक्सपर्ट ही गड़बड़ी को पहचान कर पकड़ सकते हैं।
कुलदीप सक्सेना, आईटी एक्सपर्ट।

रोहतक में पहले भी हो लीक हो चुके हैं पेपर
परीक्षाओं में नकल रोहतक में पहली बार नहीं हुई है। ऐसा पहले भी कई परीक्षाओं में हो चुका है। एयर फोर्स भर्ती परीक्षा से पहले एआईपीएमटी, पीएमटी, यूजीसी नेट, रेलवे भर्ती समेत कई परीक्षाएं शामिल हैं। रोहतक शहर से लीक हुई परीक्षाओं के अलावा देश में अन्य जगहों पर सामने आए पेपर लीक के मामलों में भी जिले के कुछ गांव के युवाओं के नाम सामने आए हैं। इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार भी किया।

इन परीक्षाओं का पेपर हुआ लीक
- वर्ष 2008 : हेल्थ यूनिवर्सिटी की पहली प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हुआ। बेटी को पास कराने के लिए थाना प्रभारी ने पेपर लीक किया।
- नवंबर 2014 : रेलवे बोर्ड में ग्रुप डी की भर्ती का पेपर लीक हुआ। पुलिस ने आसन गांव के दो युवकों को गिरफ्तार किया।
- दिसंबर 2014 : यूजीसी नेट का पेपर जाट कालेज से लीक हुआ। इसमें एबीवीपी का एक नेता भी गिरफ्तार हुआ। इसके बाद से रोहतक में नेट का परीक्षा केंद्र ही समाप्त हो गया।
- 3 मई 2015 : एआईपीएमटी का पेपर लीक हुआ। देश के मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में मदीना निवासी दांगी ने राजस्थन के बहरोड़ में पेपर हल कराया।
- 23 जून 2018 : जींद यूनिवर्सिटी के तहत हुई बीएड परीक्षा का पेपर सीआर कालेज से लीक हुआ। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही पेपर केंद्र से बाहर पहुंच गया।
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एयर फोर्स की भर्ती परीक्षा के दौरान कंप्यूटर से पेपर हल कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने श्रीकृष्ण एकेडमी के संचालक जगबीर दहिया व इसके पार्टनर संजय समेत पांच लोगाें के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। सोनीपत के धनाना का सोमबीर व गन्नौर का हार्दिक लैपटॉप पर पेपर हल करते हुए पकड़े गए हैं। इसके अलावा गुड़गांव का आदित्य भी पेपर हल करने में शामिल रहा है। पुलिस ने सोमबीर व हार्दिक को गिरफ्तार कर लिया है। इसे शुक्रवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद है।
इंस्पेक्टर जगबीर, एसएचओ, शहर थाना।
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