अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज जमा कर बैंक से लोन लेकर कार खरीद ली। जब बैंक ने व्यक्ति की जांच पड़ताल की तो पता चला कि ऐसा कोई आदमी ही नहीं है। उसके सारे दस्तावेज झूठे निकले। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में निजी बैंक के अधिकारी ने बताया कि कुछ समय पहले रैनकपुरा के ओम प्रकाश ने कार लोन के लिए अप्लाई किया था। ओम प्रकाश ने खुद को पीजीआई से सीनियर टैक्निशियन के पद से रिटायर्ड पेंशनर बताया था। इसके बाद उसने लोन लेने के लिए बैंक में अपने कुछ बैंक खातों की डिटेल सहित अन्य दस्तावेज जमा किए थे। औपचारिकता पूरी होने के बाद बैंक ने ओम प्रकाश को 1 मार्च 2017 को करीब साढ़े सात लाख रुपये का लोन जारी किया था। ओम प्रकाश को हर महीने साढ़े सोलह हजार रुपये की किश्त जमा करनी थी। इसके बाद ओम प्रकाश ने फाइनेंस पर कार खरीद ली थी। कुछ दिन बाद जब बैंक ने अपने स्तर पर ओम प्रकाश और उसके दस्तावेजों की वेरिफिकेशन करवाई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने बैंक को जो खाते उपलब्ध करवाए थे। वह खाते संबंधित बैंक में नहीं मिले। इसके बाद वह ओम प्रकाश के रैनकपुरा पते पर गये। यहां अधिकारियों को एक महिला मिली। महिला ने बताया कि यहां ओम प्रकाश नाम का कोई आदमी नहीं रहता है। इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।