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संशोधित : बचाओ, बचाओ! ये मुझे मार देेंगे... कहता हुआ हमलावरों से बचने को कॉलेज से बाहर की ओर दौड़ा था साहिल-Cordination

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बचाओ, बचाओ! ये मुझे मार देेंगे... कहता हुआ हमलावरों से बचने को कॉलेज से गेट की ओर दौड़ा था साहिल
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महबूब अली
रोहतक । बचाओ, बचाओ ये मुझे मार देेंगे, कोई तो मुझे इन से बचाओ, यह कहते हुए नेकीराम शर्मा कॉलेज का छात्र साहिल हमलावरों से बचने के लिए दौड़ रहा था। मगर उसे बचाने के लिए कोई भी आगे नहीं आया। जब तक वह और सिक्योरिटी गार्ड साहिल को बचाने के लिए दौड़ते, आरोपी हमला करने के बाद कॉलेज के पीछे वाले गेट से फरार हो चुके थे। यह बातें नेकीराम कॉलेज की कैंटीन के कर्मचारी और वारदात के प्रत्यक्षदर्शी राजीव सक्सेना ने मीडिया को बताई।
राजीव सक्सेना ने बताया कि करीब एक बजकर 10 मिनट पर वह कैं टीन के अंदर ही काम कर रहा था। इसी बीच उसे किसी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसकी आवाज सुनकर वह तुरंत भागकर बाहर निकला। उसने देखा कि साहिल के पीछे 10 से अधिक छात्र दौड़ रहे थे, जबकि वह उनसे बचने के लिए कॉलेज से बाहरी की ओर दौड़ रहा था। कोई भी उसे बचाने के लिए आगे नहीं आ रहा था। जब तक वह और कॉलेज का सिक्योरिटी गार्ड साहिल को बचाने के लिए दौड़ता, तब तक आरोपी कॉलेज के पीछे वाले गेट से फरार हो चुके थे।
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इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शी छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह कॉलेज के पार्क के पास खड़ा था। इसी बीच साहिल और दूसरे छात्र गुट के बीच कहासुनी हो रही थी। देखते ही देखते मारपीट शुरू कर दी। साहिल दूसरे पक्ष से बचने के लिए दौड़ा तो उस पर चाकू से हमला बोल दिया गया। यहां पर खड़े अन्य छात्र भी भाग खड़े हुए थे, वरना उनकी भी जान जा सकती थी।
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छात्र साहिल के एनएसयूआई के सदस्य होने के बारे में जानकारी नहीं है। वह प्राइमरी मेंबर हो सकता है। फिर भी वारदात निंदनीय है। इसके लिए पुलिस से लेकर कॉलेज प्रशासन भी जिम्मेदार है। हमलावरों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। - प्रदीप कुमार घनगस, प्रदेश महासचिव, एनएसयूआई
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तीन दिन से कॉलेज में लगातार छात्रों के बीच हो रहा था झगड़ा, शिकायत के बाद भी नहीं लिया एक्शन
- छात्रों का कहना, पुलिस और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से गई छात्र की जान
- आईओ बोले- अभी तक की जांच में एक दिन पूूर्व छात्रों के बीच झगड़े की बात आ रही सामने
- कालेज की प्राचार्य ने पहले भी झगड़े की बात से किया इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक । नेकीराम शर्मा कॉलेज में बीए के छात्र की जान पुलिस और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से गई। छात्रों का दावा है कि झगड़े की सूचना साहिल और अन्य ने पीजीआई थाना पुलिस और पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी मौखिक रूप से दी थी, मगर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। यदि पुलिस शिकायत पर एक्शन लेती और कॉलेज प्रशासन झगड़े को गंभीरता से लेता तो शायद साहिल की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि पुलिस छात्रों द्वारा झगड़े की शिकायत आने की बात से इनकार कर रही है।
नेकीराम शर्मा कॉलेज के छात्रों ने बताया कि तीन दिन पहले ही साहिल और हमलावर पक्ष के बीच कहासुनी हो गई थी। हालांकि उस समय मामला शांत करा दिया गया था। अगले दिन फिर से जैसे ही छात्र कॉलेज में कैंटीन पर आए तो फिर से दोनों छात्र गुटों के बीच झगड़ा हो गया था। मामला कॉलेज प्रशासन तक भी पहुंचा था। छात्रों ने दावा किया है कि झगड़े की सूचना साहिल और अन्य ने पीजीआई थाना पुलिस और पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी मौखिक रूप से दी थी, मगर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसका नतीजा यह हुआ कि बुधवार को दोनों छात्र गुटों के बीच कॉलेज प्रांगण में ही पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इसके बाद चाकुओं से हमला कर छात्र की हत्या कर दी गई। छात्रों का दावा है कि वारदात के समय कुछ अध्यापक भी आसपास ही थे, मगर किसी ने भी छात्रों को छुड़वाना मुनासिब नहीं समझा। अब सवाल यह उठता है कि जब छात्रों ने पुलिस से शिकायत की थी तो फिर एक्शन क्यों नहीं लिया गया। इस बारे में पीजीआई एसएचओ देवेंद्र मान से बात करने का प्रयास किया, मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। मामले के आईओ बिजेंद्र सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि एक दिन पहले मंगलवार को भी छात्र गुटों के बीच कॉलेज में ही झगड़ा हुआ था। पुलिस को झगड़े की कोई सूचना नहीं दी गई थी, वरना तुरंत ही कार्रवाई की जाती।

कॉलेज में छात्रों के बीच पूर्व में झगड़ा नहीं हुआ था। बुधवार को जैसे ही झगड़ा हुआ, तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई। - पूनम मलिक, प्राचार्य, पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज
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मोबाइल पर भी कॉल कर हमलावर बोले थे- बस अब खेल खत्म
रोहतक। साहिल पक्ष के छात्रों ने बताया कि मंगलवार को हुए झगड़े के दौरान आरोपी छात्रों ने साहिल को मारने की धमकी दी थी। हमलावरों ने साहिल से कहा था कि तुझे जल्द ही खत्म कर देंगे। यही नहीं छात्रों ने बुधवार सुबह भी हमलावरों के साहिल के मोबाइल पर कॉल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बस अब खेल खत्म। हालांकि पुलिस अभी साहिल के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। धमकी देने के मामले की जांच करने की बात पुलिस ने कही है।

20 बार की 108 पर कॉल, लेकिन नहीं लगा नंबर तो घायल साथी छात्र को स्कूटी से ही ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे
स्कूटी को ट्रामा सेंटर के अंदर ही घुसा दिया था

- पुलिस ने छह आरोपियों को हिरासत में लिया, पूछताछ में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर के नेकीराम शर्मा कॉलेज में छात्र साहिल पर हमले के दौरान हेल्पलाइन नंबर 108 पर फोन करने का प्रयास किया। साथी छात्रों के बार बार कॉल करने के बाद भी 108 हेल्पलाइन नंबर नहीं लग सका। इस पर साथी छात्र घायल को स्कूटी से ही ट्रॉमा सेंटर में लेकर पहुंचे। मगर इसके बाद भी छात्र की जान नहीं बचाई जा सकी।
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साहिल के साथी छात्र ने बताया कि वह भी कॉलेज में ही वारदात के समय मौजूद था। मगर कैंटीन से थोड़ा दूर था। साहिल पर हमले की सूचना पाते ही वह तुरंत ही मौके पर पहुंच गया था। उधर, पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए छात्रों से पूछताछ की जा रही है।
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