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बच्ची मिलने का मामला गोरखधंधे के पीछे कौन शामिल, समिति ने पुलिस से मांगी केस की स्टेटस रिपोर्ट

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नाबालिग की जबरन शादी करवाने का मामला
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गोरखधंधे के पीछे कौन शामिल, समिति ने पुलिस से मांगी केस की स्टेटस रिपोर्ट

- बाल कल्याण समिति को नाबालिग को बेचे जाने का शक
- काउसिलिंग के दौरान नाबालिग ने बताया खुद को बिहार मोतिहारी की निवासी
- मोतिहारी जिले की बाल कल्याण समिति को भी भेजी रिपोट

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
मैरिज ब्यूरो संचालिका द्वारा एक नाबालिग को बंधक बनाकर जबरन शादी करवाने के मामले में बाल कल्याण समिति ने पुलिस से केस की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। समिति ने जांच अधिकारी को मंगलवार तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये है। ताकि मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में पता चल सके। साथ ही नाबालिग की जबरन शादी करवाने का गोरखधंधा करने वालों के बारे में पता चल सके।
दूसरी तरफ समिति के अधिकारियों ने सोमवार को नाबालिग की काउंसिलिंग की। इस दौरान पीड़िता ने बताया कि वह बिहार के मोतिहारी जिले की रहने वाली है। मगर लड़की अपने माता पिता के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दे सकी। न उसे यह बताया कि वह बिहार से रोहतक कैसे पहुंची। करीब एक घंटे तक नाबालिग की काउंसिलिंग कराई गई। अधिकारियों ने पीड़िता से पूरे घटनाक्रम में जानना चाहा, लेकिन घबराने के कारण वह ज्यादा जानकारी नहीं दे सकी। करीब सात दिनों तक लगातार नाबालिग की काउंसिलिंग करवाई जाएगी।
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पुलिस से पूछा- आरोपी पकड़े या नहीं
समिति की ओर से मामले में मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट में पूछा गया है कि इस केस में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई या नहीं। अभी तक केस से जुड़े कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बता दें कि पुलिस मामले में अभी तक मैरिज ब्यूरो संचालिका सुषमा को ही गिरफ्तार कर सकी है। दूसरे नामजद किये गये आरोपी के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चला है। साथ ही पूछा गया है कि पूरे मामले में कितने लोग शामिल है।

आरोपी सुरेंद्र का नाम सुनते ही कांप गई पीड़िता
समिति के अधिकारियों ने काउंसिलिंग के दौरान जब आरोपी सुरेंद्र के बारे में पूछा तो वह कांप गई। सुरेंद्र का नाम सामने आते ही उसने कुछ भी नहीं बोल और घबरा गई। बाद में अधिकारियोें ने सामान्य बातें करके उसे शांत किया। बता दें कि पीड़िता को बिहार के पटना रेलवे स्टेशन से सुरेंद्र नाम का आरोपी ही दिल्ली लेकर आया था। वह दिल्ली से लड़की को गांधी कैं प की मैरिज संचालिका सुषमा के पास छोड़ दिया था। जब पुलिस ने सुषमा से आरोपी के बारे में पूछताछ की तो उसने कहा था कि वह सुरेंद्र के पते के बारे में कुछ नहीं जानती है।

अपहरण हुआ या नहीं बताएगी मोतिहारी की सीडब्ल्यूसी
वहीं, मामले की तह तक जाने के लिए जिला बाल कल्याण समिति ने नाबालिग के बारे में मोतिहारी की सीडब्ल्यूसी को सूचित कर दिया है। मोतिहारी की समिति को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है कि लड़की का अपहरण किया गया था या फिर उसे परिजनों ने रुपयों के लालच में बेचा। इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं। अब मोतिहारी समिति के अधिकारी लड़की के नाम के आधार पर उसके माता पिता का पता लगाकर उनसे पूछताछ करेंगे।

ये था मामला
शनिवार रात को पुलिस को दी शिकायत में लड़की ने बताया कि वह बिहार की रहने वाली है। चार दिन पहले लड़की पटना रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी। तभी सुरेंद्र नाम का एक व्यक्ति आया और लड़की को बहला फुसलाकर ट्रेन से दिल्ली लेकर आ गया। इसके बाद सुरेंद्र ने शनिवार शाम करीब चार बजे लड़की को गांधी कैंप की रहने वाली सुषमा को सौंप दिया। मैरिज ब्यूरो चलाने वाली सुषमा ने उसे घर में बंधक बना लिया था। जैसे तैसे करके नाबालिग सुषमा के चंगुल से निकलकर भागी थी।
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वर्जन
इस मामले में जांच अधिकारी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि मामले में पुलिस कार्रवाई के बारे में पता चल सके। इसके अलावा बिहार मोतिहारी की बाल कल्याण समिति से लड़की के बारे में डिटेल जुटाने के संबंध में पत्राचार किया गया है। काउंसिलिंग में लड़की ने खुद को बिहार के मोतिहारी जिले का निवासी बताया है।
- डॉ. राजसिंह सांगवान, चेयरमैन बाल कल्याण समिति
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