तस्करी कर लाए गए किशोर से मकान में काम करा रहे थे आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर, केस दर्ज
-सीडब्ल्यूसी और अपराध शाखा और बचपन बचाओ आंदोलन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से मारा था छापा
-पांच हजार रुपये में दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी से लाया गया था मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। सेक्टर दो स्थित मकान में झारखंड के किशोर से मकान के अंदर पिछले करीब एक साल से काम कराया जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर सीडब्ल्यूसी, अपराधा शाखा और बचपन बचाओ आंदोलन के पदाधिकारी मौके पर पहुुंचे और बच्चे को बंधनमुक्त कराया। जिस मकान में बच्चे से काम कराया जा रहा था। वह आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर अजय कुमार का है। राज्य अपराधा शाखा की एसआई की श्किायत पर आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर समेत तीन पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है।
अपराधा शाखा के एएसआई सज्जन सिंह और सीडब्ल्यूसी चेयरमैन राज सिंह सांगवान ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि सेक्टर दो स्थित मकान में मासूम बच्चे को झारखंड से तस्करी कर लाया गया है और जबरदस्ती काम कराया जा रहा है। मामले की सूचना पाते ही अपराधा शाखा के अलावा बचपन बचाओ आंदोलन और सीडब्ल्यूसी की टीम मौके पर पहुंची व झारखंड के टाटानगर के रहने वाले 15 वर्षीय मासूम को बरामद कर लिया। मासूम ने आए दिन जबरदस्ती काम कराने का आरोप लगाया। राज्य अपराध शाखा की एसआई राजवंती की शिकायत पर इंस्पेक्टर अजय कुमार, उनकी पत्नी अध्यापिका अंजना और उसकी सांस नरेश देवी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी से लिया था
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि किशोर को दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी से पांच हजार रुपये में लिया गया था। मासूम से पूछताछ की जा रही है। अन्य स्थानों पर भी तस्करी कर लाए गए बच्चे हो सकते हैं। पुलिस और सीडब्ल्यूसी जांच में जुटी है।