हत्या के बाद आनंद के हाथ पर भी बन गए चाकू के चार निशान, अंतिम संस्कार के समय हाथों में पट्टी बंधी देखी तो पुलिस का शक गहराया, सख्ती करते ही आरोपी ने उगला सच
-मंगलवार रात 11 बजे अशोक के घर पहुंच गया था आनंद और उसका साला, रात भर रुके, सुबह दिया वारदात को अंजाम
-पहले सोनिया को मारा, इसके बाद भाई को उतारा मौत के घाट
-पकड़े गए आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में किया खुलासा
महबूब अली
रोहतक। शिवाजी कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित नया पड़ाव मोहल्ले में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी तक पहुंचने में उसके हाथ पर बने चाकू के निशान और मोबाइल पर दो माह से बात न करने समेत छह कारणों ने अहम भूमिका निभाई। मात्र 36 घंटे के अंदर ही पुलिस ने मामले का पटाक्षेप कर दिया।
पुलिस के अनुसार पुस्तैनी मकान के साढ़े आठ लाख रुपये बार-बार मांगने के बावजूद भी न देने पर दिल्ली के नरेला में रह रहा अशोक का भाई आनंद बुलंदशहर निवासी अपने साले राहुल के साथ मंगलवार रात 11 बजे नया पड़ाव स्थित अशोक के घर पहुंचा। करीब साढ़े 11 बजे खाना खाने के बाद दोनों मकान के दूसरे कमरे में जाकर सो गए। सुबह करीब साढ़े चार बजे आनंद उठ गया। इसके बाद उसने तीन बार सोनिया-सोनिया कहकर आवाज लगाई। सोनिया के कमरे से बाहर आने पर कहा कि चाय पिला दो, हमें दिल्ली निकलना है। सोनिया उसके कमरे में चाय और बिस्किट लेकर पहुंची। इसके बाद वह वापस रसोई की तरफ जा रही थी। गैलरी में ही राहुल और अशोक ने सोनिया को पकड़ लिया और चाकू से वार करने शुरू कर दिए। बचने के लिए सोनिया ने गैलरी में ही दौड़ लगाई। दौड़ लगाते समय अचानक सोनिया गिर गई, जिस पर अशोक और आनंद दोनों ने एक के बाद एक बीस वार किए।
सोनिया की चीख सुन जागा अशोक
सोनिया की चीख सुनकर अशोक भी नींद से जाग गया। अशोक ने कहा क्या हुआ... अभी आया, जैसे ही अशोक बेड से उठने लगा तो राहुल ने उसे बेड पर ही दबोच लिया और उसकी छाती पर चाकू से वार करने शुरू कर दिए। पीछे से आए आनंद ने भी भाई पर चाकू से तीन वार किए। वारदात को अंजाम देने के बाद करीब सवा पांच बजे दोनों आरोपी बस से नरेला भाग गए।
लोगों ने सूचना दी तो दोपहर बाद पहुंचा आनंद
भाई और भाभी की हत्या की सूचना लोगों ने आनंद को फोन पर दी। करीब एक बजे आनंद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रोहतक पहुंचा। पुलिस के अनुसार आनंद पोस्टमार्टम हाउस पर अपना दाहिना हाथ बार-बार छिपा रहा था। इस कारण पुलिस को उस पर शक हुआ। इसके बाद जैसे ही शव का अंतिम संस्कार होने लगा तो पुलिस ने देखा कि आनंद ने दाहिने हाथ में पट्टी बांधी हुई थी। पूछने पर बताया कि उसे चोट लग गई थी। इसके बाद पुलिस ने गुपचुप तरीके से उसके परिवारवालों से चोट लगने की जानकारी ली। परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। इससे पुलिस का शक और गहरा गया। देर शाम उसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पहले तो उसने इनकार कर दिया। सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने पूरा सच उगल दिया। साले के साथ वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार किया।
---
आरोपी को नहीं था कोई गम
वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी को कोई गम नहीं था। पुलिस को वह बार-बार कह रहा था कि जो हो गया सो हो गया।
--
इन छह कारणों से पुलिस को हुआ आनंद पर शक
1. दोहरे हत्याकांड की सूचना सुबह करीब आठ बजे आनंद को मोबाइल पर कॉल कर दी गई थी। मगर उसने दिल्ली के नरेला से रोहतक पहुंचने में ही पांच घंटे से अधिक का समय लगा दिया।
2. नया पड़ाव मोहल्ला, शिवाजी कॉलोनी थाना और पोस्टमार्टम हाउस पर बार-बार आनंद अपने दोनों ही हाथ छिपा रहा था।
3. दोपहर के समय आनंद के हाथ में कोई पट्टी नहीं बंधी थी पर अचानक अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट में पुलिस ने आनंद के हाथ में पट्टी बंधी देखी।
4. पुलिस ने आनंद के बयान रिकॉर्ड किए। बयान रिकार्ड करने के बाद उससे कोई संशोधन करने के बारे में पूछा तो उसने कहा कि जो पुलिस ने लिखा होगा सही लिखा होगा। पुलिस का मानना है कि जबकि अधिकतर मामलों में शिकायतकर्ता लिखे गए बयान को न सिर्फ सुनता है बल्कि अपनी मर्जी के मुताबिक उसमें कुछ न कुछ ऐड कराने का भी प्रयास करता है।
5. दो माह से आनंद अपने भाई अशोक से मोबाइल पर बात नहीं करने की बात कह रहा था, एक भाई का दो माह तक बात न करना भी आनंद को ही सवालों के घेरे में डाल रहा था।
6. पुलिस को जानकारी देते हुए भी आनंद बार-बार कांप रहा था।