अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी पत्नी आशा हुड्डा के साथ रोहतक पहुंचे और पूर्व पार्षद सूरजमल रोज के ऑफिस में चुनावी कार्यालय खोला। संबोधन के दौरान पूर्व पार्षद सूरजमल रोज ने मंच से कहा हुड्डा साहब, एक बात कहना चाहूंगा। म्हारे युवा नेता फेंकते लंबी-लंबी हैं, लेकिन धरातल पर मिलता कुछ नहीं, चाहे सीताराम से पूछ लें। 40 हुड्डा समर्थक निगम मेयर का टिकट मांग रहे थे। सीताराम बताएंगे फील्ड में कितने मिले। इस पर हुड्डा की बगल में बैठे सीताराम ने इशारा करते हुए मामले को छोड़ने की बात कही। वहीं, अपने संबोधन में हुड्डा ने भी निगम चुनाव में हार पर कुछ नहीं कहा।
2013 में सूरजमल रोज निर्दलीय निगम मेयर चुने गए थे। जबकि 2014 में विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली। पिछले निगम चुनाव से पहले वे कांग्रेस में आ गए थे। हालांकि अबकी बार निगम चुनाव में नहीं उतरे। मेयर की टिकट न मिलने के बावजूद रोज ने सीताराम सचदेवा के कंधे से कंधा मिलाकर वोट मांगे, लेकिन सीताराम को जीत नहीं दिला सके। अप्रैल माह में लोकसभा चुनाव है, जिसकी रोज ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
ईमानदारी से कहूं, दीपेंद्र जैसा सांसद नहीं मिलेगा : हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि लोग बेवजह झूठा प्रचार कर रहे हैं। रोहतक में हिंसा के बाद सरकार ने प्रकाश आयोग का गठन किया। कहा गया कि प्रकाश आयोग की रिपोर्ट से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन रिपोर्ट भाजपा ने गायब कर दी। क्योंकि उसमें लिखा था कि जान - माल के नुकसान के लिए प्रदेश सरकार के साथ एसपी ऑफिस से लेकर सीएम हाउस तक जिम्मेदार है। वे हिंसा रोकने में नाकाम रहे। अब वोट लेने के लिए समाज को तोड़ने की बात करते हैं, जबकि हम जोड़ने की। 36 बिरादरी एक होकर भाईचारा बनाओ। अब आपको देखना है कि कैसा सांसद चाहिए। दीपेंद्र आपका बेटा और भाई है। मैं भी सांसद रहा हूं। ईमानदारी से बात करनी चाहिए। 10 साल जब सीएम रहा तो एक भी दिन ऐसा नहीं था, जिस दिन दीपेंद्र हुड्डा ने फोन करके रोहतक के विकास की बात न कही हो। इतना लगनशील सांसद मिलना मुश्किल है। चुनाव की तैयारियां शुरू कर दो। हर बूथ पर 15 से 20 कार्यकर्ता ऐसे चुनो, जो घरों से वोट निकाल कर लाएं।