डिग्री न रजिस्ट्रेशन, कर रहा था भ्रूण लिंग जांच
- भ्रूण लिंग जांच करने वाले अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर का भंडाफोड़
- स्वास्थ्य विभाग रोहतक की टीम ने मारा दिल्ली बदरपुर बॉर्डर के हेल्थ सेंटर पर छापा
- छापे के दौरान मिले नशे के इस्तेमाल किए हुए इंजेक्शन
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्वास्थ्य विभाग रोहतक की टीम ने दिल्ली में बदरपुर बार्डर स्थित जैतपुर में अवैध हेल्थ सेंटर पर छापा मारा। इस सेंटर में भ्रूण लिंग जांच की जाती थी। टीम को मौके से प्रयोग किए हुए नशे के इंजेक्शन भी मिले हैं। आशंका है कि मौके पर पकड़ा गया डॉक्टर और उसकी डिग्री भी फर्जी है। टीम ने आरोपी व उसके साथियों को पुलिस के हवाले कर दिया है।
सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड़ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर रोहतक स्वास्थ्य विभाग ने एक टीम को तैयार किया और टीम को तय समय के आधार पर दिल्ली स्थित इंडिया हेल्थ सेंटर पर छापामारी के लिए भेज दिया। इंडिया हेल्थ सेंटर पर विभाग ने एक गर्भवती महिला को लिंग जांच करवाने के लिए भेजा। यहां डॉ. सदूल्ला मौके पर मिला। महिला ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए 20 हजार रुपये यहां लिंग जांच के लिए जमा करा दिए। इसके बाद डॉक्टर ने महिला की लिंग जांच की और कहा कि अभी भ्रूण स्पष्ट नहीं है। अभी महीने कम हैं वह फिर आए वह बगैर रुपये लिए जांच कर देंगे। इसके बाद टीम अंदर गई और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया।
छापे के दौरान टीम में दिल्ली की नोडल अधिकारी एसडीएम गुरकृपाल सिंह, डॉ. ललित चौहान, डॉ. अनुश्री, अरविंद मौके पर थे। वहीं रोहतक स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोडल अधिकारी डॉ. विकास सैनी, डॉ. संजीव मलिक डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. विजय, नीरज, जोगेंद्र, मीनाक्षी टीम में शामिल थे। टीम ने मौके पर 18 हजार रुपये रिकवर कर लिए। टीम की मानें तो जांच के दौरान पाया गया कि सेंटर अपंजीकृत था, वह चार साल से बेसमेंट में संचालित हो रहा था। वहां पर न तो फार्म-एफ था और न ही फार्म-बी था। इसके अलावा डॉक्टर की जो डिग्री मिली है उस पर भी संदेह है। क्योंकि टीम को सूचना मिली है कि जो डिग्री दिखाई गई वह डॉक्टर मृत हो चुका है। अब लिंग जांच करने वाला डॉक्टर डिग्री पर अपनी फोटो लगा कर गड़बड़ कर रहा है। इसकी जांच होने के बाद ही सच्चाई का पता चल पाएगा।
नशे के प्रयोग हुए इंजेक्शन उठा रहे सवाल
छापामारी करने वाली टीम की मानें तो डॉक्टर बेसमेंट में अल्ट्रासांउड जांच करता था। यहां बेड के नीचे 700 से एक हजार नशे के इंजेक्शन व सिरिंज मिली हैं। टीम को अंदेशा है कि इन इंजेक्शनों का प्रयोग डॉक्टर कहीं अनैतिक कार्यों के लिए तो नहीं करता था। इसका खुलासा पुलिस पूछताछ में ही हो पाएगा।