रोहतक। रोहतक बस स्टैंड पर आए दिन महिलाओं के पर्स और मोबाइल चोरी हो रही हैं। हर वारदात के बाद पुलिस मौके पर पहुंचती है। पीड़ित को ढांढस बंधाने के नाम पर सीसीटीवी फुटेज खंगालती है। शिकायती पत्र भी लेती है पर मामला दर्ज करके कार्रवाई नहीं करती। सोमवार को एक बार फिर युवती समेत दो महिलाओं को चोर गिरोह ने शिकार बनाया। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़िताओं से बातचीत की। इतना होने के बावजूद बस स्टैंड चौकी इंचार्ज कहते हैं कि काफी समय से बस स्टैंड पर कोई वारदात नहीं हुई। यदि होती तो पीड़ित लिखकर जरूर देते।
बस स्टैंड पर महिलाओं के शौचालय के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस कर्मी भी तैनात रहते हैं। सुबह से शाम तक रोडवेज के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ हजारों यात्रियों को आवागमन भी होता है। इतना सब कुछ होने के बावजूद महिला चोर गिरोह लगातार शौचालय में जाने वाली महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है। सोनीपत से सीडी रोड निवासी पायल सोमवार को शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाली महिला दोस्त से मिलने के लिए बस से आईं। उतरने के बाद वह शौचालय गईं। इसी दौरान आईसी कॉलेज में पढ़ने वाली कलानौर निवासी किरन भी शौचालय गईं। पायल ने अपना पर्स और किरन ने अपना मोबाइल समेत पर्स बाहर रख दिया। जब वह बाहर आईं तो पायल का पर्स चोरी हो चुका था। इसमें 1500 रुपये थे। किरन के पर्स से मोबाइल फोन चोरी हो गया था। उन्होंने बस स्टैंड के अधीक्षक से शिकायत की। इसकी जानकारी पर चौकी पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने बस स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाली। पायल ने मामले की शिकायत भी की। यही नहीं, दो दिन पहले भी एक महिला के पर्स से 1800 रुपये चोरी कर लिए गए थे। जिसकी भी शिकायत पुलिस से की गई थी।
वहीं, बस स्टैंड चौकी इंचार्ज का कहना है कि बस स्टैंड पर तो काफी समय से कोई भी चोरी की वारदात नहीं हुई है। पुलिस बराबर बस स्टैंड पर तैनात रहती है। जब उन्हें सोमवार को दो महिलाओं के साथ हुई वारदात के बारे में बताया गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि जब लिखित शिकायत ही नहीं मिली है, तो कैसे कह सकते हैं।
महिलाओं के शिकार होने में आ रही मिलीभगत की बू
सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद महिला चोर गिरोह से मिलीभगत की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिस तरीके से संदिग्ध महिला शौचालय से निकलकर दूसरी तरफ गई है, उससे मिलीभगत की आशंका जाहिर होने लगी है।
जीएम के आदेश पर अब तक अमल नहीं
रोडवेज के कर्मचारियों ने बताया कि महाप्रबंधक ठेकेदार से महिला शौचालय में एक महिला कर्मी की ड्यूटी लगाने के आदेश कई बार कर चुके हैं मगर अभी तक उस पर अमल नहीं किया जा सका है। माना जा रहा है कि यदि महिला कर्मी की ड्यूटी लग जाए तो वारदातें रुक सकती हैं।
वारदात का समय दोपहर 12 से ढाई बजे तक
रोडवेज कर्मियों का कहना है कि आए दिन महिलाओं को शिकार बनाया जा रहा है। अभी तक हुई सभी वारदातें दोपहर 12 से ढाई बजे के बीच में ही हुई है। इसी वजह से कुछ घंटे के लिए महिला कर्मी की ड्यूटी लगाने के लिए कहा जा चुका है मगर कोई सुनता नहीं।