खाने में मिलाते थे नशीला पदार्थ
पीड़ित विद्यार्थियों की मानें तो उनसे यौन उत्पीड़न बेहद शातिर ढंग से किया जाता था। सोची समझी साजिश के तहत उनके खाने में नशीला पदार्थ मिलाया जाता है। खाना खाने के बाद बच्चे बेसुध होकर सो जाते थे। सुबह उठते तो शरीर दर्द करता। कपड़े अस्त व्यस्त मिलते। इस बारे में उन्होंने अपने परिवार को भी बताया है।
स्टाफ ने डंडों से बुरी तरह पीटा
परिजनों का कहना है कि बच्चों ने अपने सीनियर की हरकत के बारे में शिक्षकों को बताया था। इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले को दबा दिया। बच्चों से भी बाहर किसी से कुछ नहीं बताने की धमकी दी। हास्टल में करीब पौने दो सौ बच्चे रहते हैं। इनमें स्टाफ का खौफ है। रविवार को बच्चों को पीटा भी गया। डंडों से बुरी तरह पिटाई के निशान बच्चों के शरीर पर साफ नजर आते हैं।
कुछ शरारतीतत्व गुरुकुल में आए
गुरुकुल के एक शिक्षक का कहना है कि यहां बच्चे शिक्षा ग्रहण आते हैं। अभिभावक अपने बिगड़े बच्चों को सुधारने के लिए यहां छोड़ कर जाते हैं। इसके बीच कुछ शरारतीतत्व भी गुरुकुल में आ गए हैं। इन्हीं ने यह हरकत की।