दहेज उत्पीड़न के लिए 2 साल कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना
एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने सुनाया फैसला
दो साल से जिला अदालत में चल रहा था केस
सास व ननद को पुलिस दे चुकी है पहले ही क्लीन चिट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
महम उपमंडल के गांव बैंसी के युवक सोमबीर को एडीजे सोनिका गोयल की अदालत ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दहेज उत्पीड़न के लिए 2 साल कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। जुर्माना न भरने पर 1 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। साथ ही दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
मामले के अनुसार हिसार जिले के गांव खरक निवासी नरेंद्र कुमार ने 5 मई 2016 को लाखनमाजरा थाने में शिकायत दी कि उसकी बहन निर्मला व उर्मिल की शादी दो सगे भाइयों अशोक और सोमबीर के साथ हुई थी। शादी के बाद से उसकी बहन निर्मल को उसका पति सोमबीर, सास चमेली व ननद दहेज के लिए तंग करने लगी। उसकी बहन ने उसे व अपनी मां को इस बारे में बताया। उन्होंने बैंसी जाकर सोमबीर व उसके परिजनों को समझाया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद उसकी बहन उर्मिल की पति, सास व ननद ने गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। जांच में सास व ननद को क्लीन चिट दे दी। अदालत में विवाहिता के पति सोमबीर के खिलाफ दहेज हत्या का केस चल रहा था। 20 जनवरी को अदालत ने सोमबीर को दोषी करार दिया, जबकि सजा अब 23 जनवरी को सुनाई गई है।