ऑनर किलिंग की सूचना पर चिता से शव निकालने पांच पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे एसएचओ, ग्रामीणों ने की हाथापाई, पुलिस ने भागकर बचाई जान
फ्लैग : महम थाना क्षेत्र के गांव बलंभा में शनिवार रात छात्रा की मौत, सुबह छह बजे परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार
-बाद में मौके पर पहुंचे डीएसपी और अन्य लोगों ने किसी तरह शांत कराया मामला, फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग
-पुलिस का दावा-शनिवार रात में भी की गई थी छात्रा की पिटाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक, महम। महम थाना क्षेत्र के बलंभा गांव में आधी रात के बाद छात्रा की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को चिता से शव को निकालने के लिए खूब जद्दोजहद करने पड़ी। आग बुझाने के लिए गांव से ही पानी से भरा टैंकर लेकर पहुंची पुलिस के साथ पहले तो ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने हाथापाई भी की। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भाग जान बचाई।
गांव के ही एक ग्रामीण ने पुलिस को सूचना दी थी कि कक्षा 11 की छात्रा की हत्या करने के बाद परिजनों ने गांव में ही उसका शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। सूचना पाते ही एसएचओ मात्र पांच पुलिसकर्मी के साथ मौके पर पहुंचे। गांव से पानी से भरा टैंकर लेना चाहा। पहले तो ग्रामीणों ने टैंकर देने से इनकार कर दिया। बाद में टैंकर लेकर जैसे ही पुलिस शमशान घाट पहुंची तथा चिता में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया तो ग्रामीण पुलिस से उलझ बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस को किसी ने झूठी सूचना दी है। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। गुस्साए लोगाें ने पुलिस के खिलाफ हंगामा करना शुरू कर दिया। काफी देर तक एसएचओ और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में लोगों ने पुलिस के साथ हाथापाई भी की। पुलिस को शमशान घाट से खदेड़ दिया गया।
अन्य पुलिस अधिकारियों को दी गई सूचना
एसएचओ ने मामले की सूचना अन्य पुलिस अधिकारियों को दी गई। सूचना पाते ही 30 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ डीएसपी वीरेंद्र सिंह सांगवान मौके पर पहुंचे। गांव के लोगों की सहायता से किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया। फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची। चिता में लगी आग बुझाई गई। अधजले शव को आनन-फानन में चिता से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। एफएसएल की टीम ने भी सुबूत एकत्रित किए।
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रात में पिटाई की भी दी जानकारी
पुलिस को कुछ ग्रामीणों ने बताया कि परिजनों ने शनिवार रात भी छात्रा की पिटाई की थी। हालांकि, पड़ोसियों ने किसी तरह परिजनों को समझाकर छात्रा को छुड़वाया था।
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आखिर आधी अधूरी तैयारी के साथ क्यों पहुंची पुलि ?
सांपला पुलिस को ऑनर किलिंग की सूचना दी गई। एसएचओ मात्र पांच पुलिसकर्मियों को ही लेकर गांव पहुंचे? सवाल यह उठता है कि ऑनर किलिंग जैसे बड़े मामले की सूचना मिलने के बाद भी एसएचओ आधी अधूरी तैयारियों के बीच मात्र पांच पुलिसकर्मियों को लेकर ही क्यों पहुंचे।
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उल्टी लगने के कारण हुई मौत
वहीं बच्ची के पिता ने बताया कि शनिवार रात 12:30 बजे अचानक प्रियंका को उल्टी लगनी शुरू हो गई थी। कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।
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इन सवालों के कौन देगा जवाब
छात्रा के परिजनों ने दावा किया कि उल्टी लगने से छात्रा की मौत हुई। जबकि घर के अंदर खून के धब्बे मिले। इसके अलावा ईट पर भी खून के निशान मिले। इसके अलावा परिजनों ने दावा किया कि उल्टी लगने के बाद उसके ऊपर डाली गई राख को घर से बाहर फेंक दिया गया। जबकि राख का कोई पता ही नहीं लग सका। पुलिस इन्हीं बिंदुओं पर मामले की जांच में जुटी है।
भाई की गर्दन पर निशान मिलने से गहराया शक
प्रियंका के भाई काला के शरीर की डीएसपी विरेन्द्र सांगवान ने गहनता से जांच की तो उसकी गर्दन पर खरोंच के निशान मिले, वहीं उसकी पैंट पर खून के धब्बे होने का अहसास हो रहा था। जिससे डीएसपी सांगवान ने उसकी पैंट को जांच के लिए मधुबन भेज दिया।
दस से अधिक पड़ोसियों के दर्ज किए बयान
एफएसएल प्रभारी सरोज दहिया व डीएसपी विरेन्द्र सांगवान ने चिता से शव निकालने के बाद घर की गहनता से जांच की। माता-पिता, भाई व पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए। घर से खून के धब्बे, घर की मिट्टी, बरामदे में लगी ईंट पर संदिग्ध निशान मिले। जिन्हे बिसरा जांच के लिए मधुबन भेज दिया गया।