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गोली और सैंपल गायब करने वाला डॉक्टर चढ़ा पुलिस के हत् थे

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी।
तिहाड़ा में पिछले दिनों गिरदावर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक चिकित्सक को गिरफ्तार किया है। चिकित्सक ने भी गुनाह कबूल करते हुए गोलियां एवं सैंपल बोरवेल में डालने की बात स्वीकार की है। मंगलवार देर रात तक बोरवेल से गोलियां और सैंपल निकालने की कार्रवाई चलती रही। गौरतलब है कि गांव तिहाड़ा निवासी गिरदावर सत्यवीर भिवानी में तैनात था। 16 जुलाई को वह घर के बाहर बैठा था। इस दौरान एक कार उनके घर के सामने आकर रुकी। कार सवार लोगों में से दो सत्यवीर के पास आए। सत्यवीर ने पत्नी को अंदर से कुर्सी लाने भेज दिया। तभी उक्त लोगों ने सत्यवीर पर अंधाधुंध गोलियां दाग दी। घटना में 13 गोलियां लगने से सत्यवीर की मौत हो गई थी।

चिकित्सक के घर से किए सैंपल गायब
सत्यवीर के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड गठित किया गया। पोस्टमार्टम के बाद तीन गोलियां एवं सैंपल एक डॉक्टर के क्वार्टर पर रखे। थे। इस पर बावल अस्पताल के डॉ. एलसी यादव शाम को उनके घर पहुंचा। यहां उसने चुपके से गोलियां एवं सैंपल रिपोर्ट चुराकर बोरवेल में डाल दी। इसके बाद तीनों डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
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यूं आया शक के घेरे में
सूत्र बताते हैं कि पुलिस जब भी पूछताछ के लिए अस्पताल पहुंचती तो डॉ. एलसी यादव बीच में आ जाता। यह कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास करता, इससे पुलिस को इस पर शक हो गया। फिर पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया। डॉ. यादव ने बताया कि उसने गोलियां एवं रिपोर्ट चुराकर बोरवेल में डाल दिए। समाचार लिखे जाने तक पुलिस देर रात तक इन्हें बोरवेल से निकालने का प्रयास करती रही।

आखिर क्यों किया ऐसा
डॉक्टर द्वारा गुनाह कबूल करने के बाद अभी भी पुलिस के सामने कई गुत्थी उलझी हुई है। सबसे पहले तो यह सवाल उठता है कि आखिर डॉ. एलसी यादव ने ऐसा क्यों किया। क्या उसका हत्या आरोपियों से कोई संबंध था या उसने पैसों के लालच में ऐसा किया। ऐसा भी हो सकता है कि डॉ. यादव बोर्ड में नियुक्त किसी चिकित्सक से भी द्वेष निकालना चाह रहा हो। अभी यह सब कुछ पुलिस की आगे की जांच में ही साफ हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों ने पिछले दिनों दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर महापंचायत की थी। वहां कोसली डीएसपी ने शीघ्र ही आरोपियों का आश्वासन दिया था।
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पुलिस ने मामले में एक चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। चिकित्सक ने सबूत बोरवेल में डालने का गुनाह कबूल कर लिया है। अब इस बात का पता लगाया जाएगा कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया। साथ ही अन्य पहलुुओं की भी जांच की जाएगी।
-सुरेंद्र, एसएचओ, कसौला थाना
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