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एक साल का रिकार्ड खंगालेगी पुलिस, 1.08 लाख चालान का होगा मिलान

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एक साल का रिकार्ड खंगालेगी पुलिस, 1.08 लाख चालान का होगा मिलान
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बाइक का 2600 रुपये का चालान काटकर 3300 रुपये वसूलने का विवाद तूल पकड़ गया है। इतना पैसे वसूलकर सरकारी खंगालने में केवल 1600 रुपये जमा कराने का मामला उजागर होने से पुलिस अधिकारी सकते में हैं। दूसरे चालान में भी गड़बड़ी न की गई हो, इसके चलते डीएसपी डाक्टर रवींद्र के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम चालान ब्रांच का पूरे एक साल का रिकार्ड खंगालेगी। जांच के दौरान सालभर में काटे गए 1.08 लाख चालान का मिलान होगा। पता लगाया जाएगा कितने का चालान काटा गया और कितने पैसे जमा हुए? अधिकारियों को आशंका है कि दूसरे चालान में भी गड़बड़ी मिल सकती है।

चालान ब्रांच और सिपाही फंसे, भ्रष्टाचार एक्ट भी जोड़ा
एसपी के आदेश पर सिविल लाइन थाने में चालान ब्रांच के प्रभारी एएसआई अनिल कुमार और सिपाही संजय के खिलाफ कार्रवाई को गई है। दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार अधिनियम 13 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामला उजागर होने से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हर रोज पुलिस सैकड़ों लोगों के चालान करती है। इस कारण इस तरह की गड़बड़ी उजागर होने से पूरी चालान प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है।
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डेयरी मोहल्ले के युवक की सतर्कता से पकड़ में आई गड़बड़ी
बता दें कि डेयरी मोहल्ला निवासी वेदपाल सिंह ने एसपी को शिकायत दी थी कि 22 अप्रैल को उनका भान्जा उसकी बाइक चला रहा था। पुलिस ने कार्रवाई कर बाइक को इम्पाउंड कर लिया। सूचना मिलने पर वह पुलिस के पास पहुंचा, जहां कागजात दिखाने पर बाइक छोड़ दी गई। 12 मई को वह चालान भुगतने के लिए पुलिस लाइन स्थित ब्रांच में पहुंचा। जहां चालान की कापी और 2600 रुपये दे दिए। जब उसने संबंधित पुलिसकर्मी से 2600 रुपये की रसीद मांगी तो कहा, थोड़ी देर रुक जाओ। उसे बताया गया कि चालान तो 3300 रुपये का बनता है। उसने जेब से 700 रुपये और दे दिए। पुलिसकर्मी ने उसे एक रसीद दी। इसमें प्रदूषण का भी चार्ज लगाया गया था, जबकि इसमें उसका चालान नहीं कटा था।

आरटीआई से पकड़ में आई गड़बड़ी
चालान की कापी ब्रांच में जमा होने के कारण वेदपाल एसपी को शिकायत नहीं कर सका। इस कारण उसने 15 मई को आरटीआई के तहत पुलिस प्रशासन से सूचना मांगी कि उसकी बाइक का चालान कितने का काटा गया था। अब आरटीआई के तहत जो सूचना मिली, उसमें बताया गया कि उसकी बाइक का चालान कटने पर सरकारी खजाने में मात्र 1600 रुपये जमा हुए हैं।
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चालान ब्रांच के प्रभारी अनिल कुमार और सिपाही संजय के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्रांच का एक साल का रिकार्ड खंगाला जाएगा। ताकि पता लगाया जा रहा है कि किस वाहन का कितना चालान काटा गया और कितनी राशि सरकारी खजाने में जमा की गई।
- रवींद्र कुमार, डीएसपी सिविल लाइन।
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