रोहतक। क्षेत्र के सुनारिया गांव के सुमित हत्याकांड को पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था। इस मामले में सीआईए-3 ने मंगलवार को झज्जर बाईपास से मुख्य आरोपी सहित दो को गिरफ्तार कर लिया। जबकि फरार चल रहे दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। घटना के बाद आरोपियों ने जींद में जाकर शरण ली थी।
सीआईए-3 प्रभारी ललित कुमार यादव ने बताया कि 11 फरवरी को सुनारिया कलां गांव में जानलेवा हमले के आरोपी सुमित उर्फ नान्हा की सुनारिया चौक पर बाइक सवार चार युवकों ने गोली और चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि सुमित का साथी विजय गोली लगने से घायल हो गया था। घायल को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया गया था। गांव के देवेंद्र, सुमित उर्फ देवा, नवीन, सुधीर समेत अन्य के खिलाफ शिवाजी कॉलोनी थाने में मामला दर्ज कराया था। ललित यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी देवेंद्र ओर सुमित को मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को झज्जर बाईपास से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने नवीन और सुधीर के साथ वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। बताया कि देवेंद्र ने सुमित को गोली मारी जबकि अन्य ने चाकू और लात घुसों से वार किए थे।
सुमित ने देवेंद्र पर हमले के मामले में फैसले का बनाया था दबाव
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि सुमित और देवेंद्र पक्ष के बीच पिछले कई दिन से रंजिश चली आ रही थी। देवेंद्र पर हमला भी किया गया था। जिस पर सुमित और उसके परिवार के सदस्यों पर केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि दो दिन पूर्व सुमित ने देवेंद्र पर फैसले का दबाव बनाया था मगर उसने मना कर दिया था। जिस पर साथियों के साथ मिलकर देवेंद्र के साथ मारपीट की थी। इसी मारपीट का बदला लेने के लिए हत्याकांड को अंजाम देने की बात देवेंद्र ने स्वीकार की है। आरोपियों ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद सीधे जींद में अपने रिश्तेदार के यहां पर पहुंचे थे, जहां पर चारों ने चाय पी थी। पुलिस ने जल्द फरार चल रहे आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है। वहीं, आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि एक सप्ताह पहले ही सुमित की हत्या की प्लानिंग थी मगर मौका नहीं लग पा रहा था।