...तो हो सकता था अमृतसर जैसा बड़ा हादसा
रोहतक। बजरंग भवन के पास हुए हादसे के समय यदि रेलवे ट्रैक पर कोई ट्रेन या फिर मालगाड़ी आती तो शायद अमृतसर जैसा बड़ा हादसा भी हो सकता था। लोगों ने बताया कि भगदड़ के समय कुछ लोग रेलवे ट्रैक के पास भी पहुंच गए थे। हालांकि, लोगों ने उन्हें वहां से हटा लिया।
उधर हर बार रेलवे ट्रेक के पास राशन वितरण का आयोजन होता था। बावजूद इसके रेलवे विभाग ने भी कोई एक्शन नहीं लिया। हालांकि, रेलवे अधिकारी राशन वितरण वाले स्थान को रेलवे परिधि से बाहर बता रहे हैं।
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पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से नहीं ली जाती थी अनुमति
रोहतक। हर महीने मोहित धनवंतरी बजरंग भवन के समीप लोगों को अनाज से लेकर चीनी और अन्य सामग्री का वितरण कराता था। लेकिन सूत्रों के मुताबिक हर बार न तो सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कोई सूचना दी जाती थी न हीं कोई अनुमति ली जाती थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी का कहना है कि उन्हें राशन वितरण के बारे में कोई सूचना नहीं दी जाती थी।
जिस स्थान पर राशन वितरण का आयोजन किया जा रहा था, वह रेलवे की परिधि से बाहर है। हादसे की सूचना भी आरपीएफ को नहीं दी गई है।
-आरके ओझा, इंस्पेक्टर, आरपीएफ