रोहतक। छज्जू से लेकर बाघा, क्रांति और दिल्ली के नीरज बवाना गैंग के सदस्य हरियाणा में वारदात को अंजाम देने के बाद यूपी के विभिन्न जिलों में फर्जी आईडी बनवाकर नाम बदलकर रह रहे हैं। यूपी के बागपत के रमाला थाना क्षेत्र के सूप गांव के पकड़े गए 75 हजार के इनामी अमित ने एसटीएफ की पूछताछ में यह खुलासा किया है। इनामी वर्ष 2010 में कारौर के धज्जा मर्डर प्रकरण में शामिल था।
डीएसपी एसटीएफ राहुल देव ने बताया कि पकड़े गए इनामी ने वर्ष 2010 में रोहतक के सांपला क्षेत्र के कारौर गांव में अनिल छिप्पी गैंग के धज्जा की हत्या कर दी थी। कारौर में इस रंजिश में अब तक 19 से अधिक के मर्डर किए जा चुके हैं। इनामी बदमाश ने बताया कि क्रांति के अलावा दिल्ली के नीरज बवाना, बाघा समेत कई गिरोह के सदस्य रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, कैथल, फतेहाबाद, अंबाला, कुरुक्षेत्र में लूट से लेकर हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद यूपी के मेरठ, आगरा, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा के विभिन्न स्थानों पर रह रहे हैं। तीनों गिरोह के ऐसे 20 से अधिक सदस्यों को पुलिस ने चिह्नित किया है। एसटीफ ने जल्द ही यूपी पुलिस की सहायता से गिरोह के फरार सदस्यों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।
--यूपी पुलिस का मिल रहा पूरा सहयोग
एसटीएफ के अनुसार इनामी बदमाशों को पकड़ने में अब हरियाणा पुलिस को यूपी पुलिस का पूरा सहयोग मिल रहा है। आगरा पुलिस के सहयोग से ही इनामी बागपत के सूप के अमित को पकड़ा गया है।
प्रॉपर्टी डीलर बनकर रहे रहे बदमाश
पूछताछ में पता चला है कि हरियाणा के विभिन्न गैंगों के सदस्य यूपी के विभिन्न स्थानों पर प्रॉपर्टी डीलर बनकर रह रहे हैं। प्रॉपर्टी डीलिंग की आड़ में लोगों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा भी किया जा रहा है। यहीं नहीं विरोध करने पर हत्या करने तक की वारदात को अंजाम देने से पीछे नहीं हटते।
आईडी बनाने वालों की भी होगी जांच
एसटीएफ बदमाशों की आईडी बनाने में सहयोग करने वाले लोगों की भी जांच में जुट गई है। एसटीएफ का मानना है कि रुपये लेकर बदमाश आईडी बनवा रहे हैं। जल्द आईडी बनवाने में सहयोग करने वालों को भी गिरफ्तार करने का दावा एसटीएफ ने किया है। सांपला के एसएचओ कुलबीर सिंह ने बताया कि 75 हजार के इनामी अमित को कारौर में हुए मर्डर के मामले में रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। जल्द ही रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी।