अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एसआईटी ने पीजीआई से बच्चा चोरी मामले में वीरवार को पानीपत की महिला और उसके बच्चे का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए मधुबन लैब भेज दिया है। पांच दिन बाद दोनों की डीएनए रिपोर्ट आ जाएगी। वहीं बच्चा किसका है, इसके सबूत न देने पर पानीपत पुलिस ने एसआईटी की शिकायत पर डॉक्टर सहित दाई, मां और दंपति के खिलाफ अपहरण, धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
एसआईटी इंचार्ज डीएसपी डॉ. रविंद्र ने बताया कि मामले में कथित बच्चे की मां पानीपत की महिला, बिचौलिये डॉक्टर, दाई और गोद लेने वाली दंपति से भी पूछताछ की गई है। सभी के बयान दर्ज किये गये हैं। इस दौरान कोई भी बच्चा पानीपत की महिला होने से संबंधित सबूत नहीं दिखा पाया। दूसरी तरफ जांच में सामने आया है कि 10 सितंबर 2017 को बच्चे को जन्म देने वाली पानीपत की महिला के पति की मौत हो चुकी है। वह घर में अकेली रहती है। मजदूरी करके परिवार का गुजारा करती है। पुलिस ने सभी से पूछताछ के बाद पानीपत पुलिस के हवाले कर दिया। अब आगे की जांच पानीपत पुलिस करेगी। हालांकि जांच के लिए सभी को समय समय पर बुलाया जाएगा। वहीं डीएनए का मिलान नहीं हुआ तो पीजीआई में अपना बच्चा खोने वाली महिला रंजू का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
एसआईटी को ऐसे लगा सुराग
पुलिस ने वीरवार को भी जिले भर के 14 गांव में बच्चे की तलाश की। यहां से भी पुलिस को अहम सबूत मिले है। बता दें कि एसआईटी को दिल्ली के नजफगढ़ से एक संदिग्ध बच्चे को महिला से बरामद किया था। महिला रोहतक की जनता कॉलोनी निवासी है और उसकी शादी नजफगढ़ में हुई थी। दंपति का दावा है कि उन्होंने बच्चा पानीपत की एक महिला से गोद लिया था। पानीपत की महिला से एक डॉक्टर और दाई ने बच्चे को दंपति को गोद दिलाया था। जब उनसे गोद लेने के कानूनी प्रक्रिया के तहत कागजात मांगे गए तो वह नहीं दिखा सके। साथ ही पानीपत की महिला भी बच्चे की मां होने से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को पानीपत पुलिस को सौंप दिया गया था।
पानीपत के डॉक्टर अतुल कुमार : नजफगढ़ की दंपति का काफी समय से उसके पास उपचार चल रहा था। उन्होंने किसी बच्चे को गोद दिलवाने की बात कही थी। दाई ने बताया था कि महिला बच्चे का पालन पोषण नहीं कर सकती। इसके बाद दंपति को बच्चा गोद लिया था।
दाई का दावा : बच्चा पानीपत की महिला का ही है। उसकी मौजूदगी में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद नजफगढ़ की दंपति को बच्चा दिया गया था।
पीजीआई से बच्चा चुराने के आरोप पर केस दर्ज
पानीपत। पीजीआई रोहतक से अपहृत नवजात के मामले में गठित एसआईटी जांच करते-करते पानीपत पहुंच गई। एसआईटी सदस्य सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने किला थाना पुलिस में शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री राधा माधव अस्पताल देव नगर पानीपत के संचालक डॉ. अतुल कुमार गर्ग ने 28 सितंबर को प्रिया निवासी डाबर कॉलोनी को झांसे में लिया और पीजीआई रोहतक से एक नवजात का अपहरण करा लिया। अस्पताल संचालक डॉक्टर ने नवजात को अपने दोस्त राजेश उर्फ राजू निवासी नजफगढ़ दिल्ली को दे दिया था। राजेश उक्त नवजात बच्चे को पानीपत से दिल्ली ले गया। जहां से एसआईटी ने बच्चे को बरामद कर लिया है। राजेश बच्चे के बारे में किसी तरह के साक्ष्य नहीं पेश कर सकता। एसआईटी ने आरोप लगाया कि डॉ. अतुल कुमार गर्ग ने प्रिया नाम की औरत को झांसे में लेकर राजेश को नवजात बच्चा दिया है। किला थाना पुलिस ने इसमें विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रोहतक एसआईटी सदस्य सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने श्री माधव अस्तपताल के संचालक डॉॅ. अतुल कुमार गर्ग और रोहिणी दिल्ली निवासी उसके दोस्त राजेश पर पीजीआई रोहतक से नवजात का अपहरण करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी अस्पताल संचालक डॉक्टर को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुनील कुमार, जांच अधिकारी, सब इंस्पेक्टर, किला थाना, पानीपत