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माहौल शांतिपूर्ण, चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस् था

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी।
डेरा प्रमुख को कोर्ट द्वारा सोमवार को सजा सुनाए जाने के बाद किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका के चलते सोमवार को रेवाड़ी में सुरक्षा चाक-चौबंद रही। रेलवे स्टेशन हो या बस स्टैंड सभी जगह सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। बाजार आम दिनों की तरह ही खुले, लेकिन भीड़भाड़ कम ही थी। पिछले दिनों पंचकूला और सिरसा में हुई हिंसा के चलते रेवाड़ी का पुलिस-प्रशासन किसी भी तरह की ढील बरतने की स्थिति में नहीं था। सुबह से ही बाजार में इस मामले की चर्चा जोरों पर थी। दोपहर को लोग टीवी के आगे बैठ गए। वहां से एक-एक पल की जानकारी लेने पर जुटे रहे। डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के बाद भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। हालांकि अहीरवाल में डेरा का इतना प्रभाव नहीं है। इसके बाद सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद रही।

एटीएम रहे बंद
किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका के चलते सोमवार को अधिकांश एटीएम बंद रहे। वहीं एक दिन पहले रविवार होने के कारण एटीएम में पैसे भी समाप्त हो चुके थे। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी हुई। शहर के सर्कुलर रोड, ब्रास मार्केट, धारूहेड़ा चुंगी सहित अन्य जगहों पर एटीएम बंद मिले, वहीं कई जगह पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीनें नहीं चलीं।
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सुबह नौ बजे तक चली बसें
रोडवेज की बसें सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को सुबह नौ बजे तक ही चलाई गई। इसके बाद बसों का संचालन बंद रखा गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले चार दिनों से रेवाड़ी डिपो से लंबे रूटों की बसें नहीं चलाई जा रही थी। उल्लेखनीय है कि रेवाड़ी डिपो में 150 बसें हैं। इनमें से करीब 135 बसों का नियमित रूप से संचालन होता है। लेकिन पिछले चार दिनों से प्रदेश के हालात को देखते हुए रेवाड़ी डिपो ने बसों का संचालन बिल्कुल ही कम कर दिया है। परिवहन निगम के प्रवक्ता देवेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि सुबह नौ बजे के बाद बसों का संचालन लगभग बंद रही रखा गया।

रेलवे स्टेशन पर भी दिखी चौकसी
रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। जीआरपी और आरपीएफ जवान मुस्तैदी से ड्यूटी दे रहे थे। आरपीएफ प्रभारी बीपी सैनी ने बताया कि करीब 50 जवान और चार अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहे। जंक्शन और ट्रेनों की बारीकी से जांच की गई। यात्रियों के सामान को भी जांच गया। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या सामान की आशंका होने पर पूछताछ की गई। हालांकि किसी तरह की कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली।

बाहरी हिस्सों में लगे 14 नाके
यूं तो रेवाड़ी में पूरी तरह शांति रही, इसके बाद भी सीमाओं पर 14 नाके लगाए गए। झज्जर एवं राजस्थान बॉर्डर पर पुलिस की खासी नजर रही। हर आने-जाने वाली गाड़ी से पूछताछ की गई। किसी भी तरह की आशंका होने पर गाड़ी की तलाशी ली गई। यह क्रम देर शाम तक चलता रहा।

अस्पतालों में भी बेहतर प्रबंध
शहर के नागरिक अस्पताल में भी पुख्ता प्रबंध थे। दवा से लेकर भर्ती करने तक की सभी तैयारियां अस्पताल प्रशासन ने कर रखी थी। विभाग की ओर से पहले से ही दवाओं के स्टॉक पूरे रखने के निर्देश थे। वहीं दमकल भी तैनात रही। एक दमकल तो सचिवालय में खड़ी रही, जो किसी भी अनहोनी पर तुरंत काबू पा ले।

कॉलेजों में छुट्टी, स्कूल खुले
सोमवार को कॉलेजों में जहां छुट्टी रही वहीं स्कूल खुले रहे। नौकरीपेशा भी सुबह से ही छुट्टी की अटकलों के चलते फोन घुमाते रहे। कई स्कूलों ने तो छुट्टी भी रखी। लेकिन किसी तरह का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं होने के चलते सभी उधेड़बुन में रहे।

जिले में पूरी तरह शांति रही। हमने सीमाओं पर 14 नाके लगाए गए। हर वाहन की जांच की गई। सभी जवानों ने पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी निभाई। - गजेंद्र शर्मा, डीएसपी, हैडक्वार्टर, रेवाड़ी

कानून सबसे ऊपर है, सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। इमोशन और श्रद्धा अपनी जगह है। इसमें हिंसा की कोई जगह नहीं है। संविधान में ऊपर तक अपील का अधिकार है। - रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी
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कानून ने अपना काम किया है। सभी को कानून के फैसले का सम्मान करना चाहिए। कानून से साबित कर दिया कि कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। सभी बराबर हैं। - चौ. जसवंत सिंह बावल, पूर्व मंत्री
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