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दो गनर रख खुद को जिला परिषद चेयरमैन बताता था राजेश भारती

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दो गनर रख खुद को जिला परिषद चेयरमैन बताता था राजेश भारती
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- दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान में पुलिस चेक पोस्टों पर कार रोकने पर पुलिस से भी हुई थी नोकझोंक
- मुठभेड़ के बाद दिल्ली की स्पेशल सेल ने कार में मिले हरियाणा विधानसभा लिखे स्टीकर की जांच की शुरू

महबूब अली
रोहतक। दिल्ली की स्पेशल सेल द्वारा एनकाउंटर में मारे गए इनामी राजेश भारती व संजीत बिदरो के संबंध में पुलिस को कई जानकारियां हाथ लगी हैं। स्पेशल सैल की जांच में सामने आया है कि पुलिस से खुद को बचाने के लिए राजेश भारती हरियाणा ही नहीं, दिल्ली, राजस्थान, के विभिन्न पुलिस चेक पोस्ट पर अपने को जिला परिषद का चेयरमैन बताता था। यहीं नहीं इसके लिए वह हर समय अपनी कार में दो फर्जी गनर भी रखता था। दिल्ली में हरियाणा विधानसभा लिखे मिले एक स्टीकर की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। कई बार पुलिसकर्मियों द्वारा कार रुकवाने पर राजेश ने उन्हें हड़काया भी था।

सूत्रों के अनुसार शनिवार को इनामी राजेश भारती व संजीत बिदरो समेत चार को एनकाउंटर में मार गिराने के बाद दिल्ली की स्पेशल सेल को बदमाशों की कार से एक हरियाणा विधानसभा लिखा एक स्टीकर बरामद हुआ था। स्टीकर के बरामद होने के बाद दिल्ली पुलिस बदमाशों के वीआईपी कनेक्शन को तलाश करने में जुटी थी। गिरोह का संपर्क राजनीति गलियारों में तलाशा जा रहा था।
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दिल्ली स्पेशल सेल व रोहतक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि इनामी राजेश भारती जब भी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए जाता था तो वह खुद को जिला परिषद का चेयरमैन बताता था। इसके लिए वह कार में अपने दो गुर्गों को रखता था। गुर्गें तुरंत ही कार से उतरकर कार रुकवाने वाले पुलिसकर्मियों को राजेश भारती का चेयरमैन के रुप में परिचय देते थे। कई बार राजेश भारती हरियाणा के अलावा राजस्थान, दिल्ली, राजस्थान के विभिन्न चैक पोस्ट पर रुकवा लिया गया तो चेयरमैन बताते ही उसे जाने दिया गया था। दिल्ली में तो एक बार उसने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उनके साथ गाली गलौच भी की थी। पुलिस ने राजेश व उसके साथियों को पकड़ने का प्रयास किया था मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। दिल्ली में कार से बरामद हरियाणा विधानसभा लिखे स्टीकर की जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है।


पुलिस ने की मेरे लाल की हत्या
अमर उजाला टीम संजीत बिदरो के पैतृक गांव बहु अकबरपुर पहुंची। दोपहर तक भी संजीत का शव दिल्ली से गांव में नहीं पहुंच सका था। पहले तो परिजनों ने अमर उजाला से बात करने से इनकार कर दिया। बाद में मृतक की मां रामकली व मौसी भगवती ने कहा कि संजीत अब सुधर चुका था। दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर नहीं उसकी हत्या की है। करीब एक साल पूर्व उसे हिसार जेल से भी पुलिस ने ही जान बूझकर भगवाया था। मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से करने की बात कहीं है। मां व मौसी दोनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

दिल्ली के फार्म हाउस में लेता था शरण
पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजेश भारती व बिदरो दिल्ली के एक प्रॉपर्टी डीलर के फार्म हाउस पर जाकर शरण लेता था। पुलिस ने गिरोह को शरण देने वाले लोगों का ब्योरा भी तैयार कराना शुरू कर दिया है। पुलिस शरण देने वालों पर भी कार्रवाई करेगी।

कागजात पूरे न होने के कारण नहीं हो सका संजीत का पोस्टमार्टम
संजीत बिदरो के परिजन रविवार की सुबह ही शव लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए थे। संजीत के भाई मंजित ने बताया कि पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी नहीं की। जिसके कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब सोमवार को ही पोस्टमार्टम के बाद शव मिल सकेगा।
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सुनसान पड़ी रहीं बहु अकबरपुर की गलियां
संजीत के एनकाउंटर के बाद रविवार को बहु अकबरपुर की गलियां सुनसान पड़ी रहीं। अमर उजाला टीम ने ग्रामीणों से एनकाउंटर के बारे में जानकारी हासिल करनी चाही तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि दो ग्रामीणों ने कहा कि संजीत ने कभी ग्रामीणों का बुरा नहीं किया।
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