पत्नी के न लौटने से परेशान हुडा के चपरासी ने फंदा लगा की खुदकुशी
- भाई को फोन कर बोला, दो मिनट में नहीं आए तो खा लूंगा जहर, फिर फंदे से लटका
- हुडा में कर्मचारी के पद पर तैनात था जींद का युवक
-शादी के बाद से ससुरालियों द्वारा पत्नी को नहीं भेजने से था परेशान, भाई के साथ रोहतक में ही रहकर करता था नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
झगड़ा कर मायके गई पत्नी के वापस न लौटने से परेशान हुडा कर्मचारी ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। खुदकुशी से पहले अपने भाई को फोन किया। बोला कि भैया यदि आप दो मिनट के अंदर नहीं आए तो मैं जहर खाकर आत्महत्या कर लूंगा। इसके बाद उसने फंदा लगा लिया।
जींद के गांगौली गांव निवासी 22 वर्षीय सुरेंद्र पुत्र प्रकाश हुडा में चपरासी के पद पर तैनात था। वह अपने भाई सोमबीर के साथ रोहतक की विशाल नगर कॉलोनी में रहता है। करीब तीन बजे सुरेंद्र ने अपने भाई सोमबीर के मोबाइल पर कॉल की। उसका भाई कारौर गांव में मजदूरी पर गया था। सुरेंद्र ने फोन पर कहा कि भाई मैं कई दिन से टेंशन में हूं। यदि दो दिन के अंदर तुम नहीं आए तो आत्महत्या कर लूंगा। सोमबीर ने जल्द आने की बात कही। कहा कि टेंशन मत लो, मैं सब ठीक कर दूंगा। मगर फोन कटते ही सुरेंद्र ने कमरे में लगे पंखे पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुरेंद्र कमरे पर पहुंचा तो सुरेंद्र का शव लटका मिला। सूचना पर पुलिस व एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सोमबीर ने बताया कि सुरेंद्र के ससुराल वाले पत्नी को नहीं भेज रहे थे। इसकी वजह से वह कई दिन से परेशान था। इसी कारण उसने आत्महत्या की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल मामला दर्ज नहीं किया गया है।
ससुरालियों ने पत्नी को भेजने से क र दिया था इनकार
सोमबीर ने बताया कि सुरेंद्र की शादी करीब एक साल पहले भिवानी निवासी पिंकी के साथ हुई थी। आरोप है कि दस दिन बाद ही पति-पत्नी में किसी बात पर झगड़ा हो गया था। जिस पर पिंकी मायके चली गई थी। कई बार सुरेंद्र व घरवाले पिंकी को लेने गए मगर ससुरालियों ने उसे भेजने से साफ इनकार कर दिया। एक सप्ताह पूर्व पिंकी के घर पर बैठक भी हुई थी। मगर ससुरालियों ने पिंकी को नहीं भेजा। उसके बाद से ही सुरेंद्र परेशान था।
सुरेंद्र का पत्नी को लेकर ससुरालियों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण सुरेंद्र ने आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। - देविंद्र मान, थाना प्रभारी अर्बन एस्टेट