अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ब्लू व्हेल गेम की वजह से पंचकूला में छात्र की आत्महत्या और पानीपत में छात्रा के साथ हुई घटना के बाद डीजीपी ने गाइडलाइन जारी की है। डीजीपी बीएस संधू ने सभी जिलों के एसपी को सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन जारी करते हुए स्पेशल टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम जिले के स्कूल और कॉलेजों के संसाधनों, अध्यापकों, कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों पर नजर रखेगी। गाइडलाइन मिलने पर एसपी पंकज नैन ने डीएसपी पुष्पा खत्री को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएसपी के नेतृत्व में टीम दशहरा के बाद यानी एक अक्तूबर से स्कूल-कॉलेजों में जाकर वीडियोग्राफी करके सुरक्षा मानकों की जांच करेगी।
पंचकूला में रविवार को ब्लू व्हेल गेम की वजह से 11वीं के एक छात्र करण ने आत्महत्या कर ली थी। उसने सांपला के एक गांव में अपने दोस्त के पास भी गेम का लिंक भेजा था। आखिरी टास्क आत्महत्या करने से पहले रोहतक पुलिस ने छात्र के घर जाकर उसकी जान बचा ली थी। इसके अलावा गुरुग्राम में छात्र प्रद्युम्न की हत्या और पानीपत में छात्रा के साथ हुई घटना के बाद पुलिस स्कूल कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर है। गाइडलाइन के तहत शिक्षण संस्थान के प्रबंधन को सुरक्षा मानकों को पूरा करने और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बिंदु तय किये गये हैं।
शिक्षण संस्थानों का होगा फिजिकल वेरिफिकेशन
टीम जिले भर के सभी शिक्षण संस्थानों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। इस दौरान टीम के साथ एक वीडियोग्राफर होगा। वह टीम के निरीक्षण के दौरान वीडियोग्राफी करेगा। ताकि सुरक्षा मानक की स्थिति को रिकॉर्ड किया जा सके। यदि कोई शिक्षण संस्थान में सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा तो उसे पहले हिदायत दी जाएगी। इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो संस्थान प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षण संस्थान में होंगे साइबर एक्सपर्ट और मनोवैज्ञानिक
गाइडलाइन के अनुसार शिक्षण संस्थानों में एक साइबर एक्सपर्ट और एक मनोवैज्ञानिक को नियुक्त किया जाएगा। ताकि इंटरनेट से जुड़े मामलों पर साइबर एक्सपर्ट विद्यार्थियों को सही तरीके से गाइड कर सके। इसके अलावा विद्यार्थियों की काउंसिलिंग के लिए मनोवैज्ञानिक को रखा जाएगा। मनोवैज्ञानिक से ब्लू व्हेल सहित अन्य खतरनाक इंटरनेट गेम की तरफ आक र्षित होने वाले विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की जा सके। यदि किसी विद्यार्थी के स्वभाव में बदलाव आता है तो उसकी स्कूल के अंदर ही कांउसिंलिंग की जाएगी।
चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षण संस्थानों में आवश्यक रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिये गये हैं। ताकि संस्थान के चप्पे-चप्पे तक कैमरे की पहुंच हो। शिक्षण संस्थान प्रबंधन विद्यार्थियों की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेगा। इसके अलावा पुलिस के द्वारा स्कूल वाहन चलाने वाले चालक व कर्मचारियों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा। ताकि उनके रिकॉर्ड का पता चल सके। यदि किसी चालक ने वाहन में क्षमता से ज्यादा विद्यार्थी सवार किये तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह हर महीने शिक्षण प्रबंधन और अभिभावकों की एक बैठक होगी। बैठक में दोनों पक्षों की तरफ से अपनी अपनी बात रखी जाएगी। कोई समस्या होने पर उसका समाधान निकाला जाएगा।
वर्जन :::::
ब्लू व्हेल गेम व पानीपत में छात्रा के साथ हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है। स्कूलों और कॉलेजों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। डीएसपी पुष्पा खत्री के नेतृत्व में गठित टीम स्कू ल और कॉलेज सुरक्षा मानकों की जांच करेगी।
पंकज नैन, एसपी, रोहतक
यह है गाइडलाइन
- स्कूल की चाहरदीवारी से लेकर शौचालय तक सीसीटीवी की जद में होंगे।
- स्कूल प्रबंधन को बस चालक और अन्य कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा।
- माह में एक बार अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार पर अध्यापकों गतिविधियों की देनी होगी जानकारी।
- स्कूल में साइबर एक्सपर्ट टीचर होना आवश्यक है, जो संदिग्ध बच्चे के मेल या अन्य गतिविधियों पर रखेगा नजर।
- स्कूल प्रबंधन को छात्रों की काउंसिलिंग के लिए मनोवैज्ञानिक रखना होगा।