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एनसीआर क्षेत्र के कई व्यापारी और कारोबारी थे इनामियों के निशाने पर

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बहादुरगढ़ के लिए भी-----
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
एनसीआर क्षेत्र के कई व्यापारी और कारोबारी थे गिरोह के निशाने पर
-एनसीआर में लूट से लेकर रंगदारी की वारदात को अंजाम दे रहा था गिरोह
-बहादुरगढ़ में पकड़े गए एक लाख के इनामी सुनील और 50 हजारी राकेश ने रोहतक एसटीएफ की पूछताछ में किया खुलासा

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बहादुरगढ़ में पकड़े गए एक लाख के इनामी सुनील और 50 हजारी राकेश ने रोहतक एसटीएफ की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एनसीआर क्षेत्र के 12 से अधिक व्यापारी और कारोबारी जहां गिरोह के निशाने पर थे, वहीं गिरोह एनसीआर में गिरोह को मजबूर करने में जुटा हुआ था। गिरोह अधिकतर एनसीआर क्षेत्र में ही वारदात को अंजाम देता था। एसटीएफ ने कोर्ट के आदेश पर दोनों इनामियों को चार दिन के रिमांड पर लिया है।
रोहतक एसटीएफ यूनिट प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला है कि वह दिल्ली और हरियाणा के अलावा एनसीआर के जिलों में आए दिन लूट से लेकर फिरौती, रंगदारी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। गिरोह में 12 से अधिक सदस्य शामिल हैं। यहीं नहीं एनसीआर क्षेत्र के 12 से अधिक व्यापारी और कारोबारी गिरोह के टारगेट पर थे। दोनों फिरौती या फिर रंगदारी वसूलने की फिराक में थे। आरोपियों ने खुलासा किया कि गांव नूना माजरा के ही निवासी कुख्यात बदमाश अनिल उर्फ गंजा ने जेल से मोनू और उसके भाई अंकित से 36 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में सिटी थाने में केस भी दर्ज हुआ था। फिरौती न दिए जाने पर अनिल के भाई सुनील उर्फ लाला और उसके दर्जन भर साथियों ने 25 सितंबर 2017 की रात को घर से कुछ ही दूर टहलने गए मोनू की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। मोनू को 15 से अधिक गोलियां मारी गईं थीं। हत्या के बाद भी सुनील उर्फ लाला मोनू के भाई अंकित को फोन पर जान से मारने की धमकी देता रहा।
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दिल्ली में भी दो लोगों से रंगदारी मांगी थी। लूटपाट और रंगदारी की वसूली गई रकम को गिरोह के सदस्यों को बराबर बराबर हिस्सों में बांटा जाता था। गिरोह के सदस्य फर्जी आईडी पर लिए गए सिम का प्रयोग कर रहे थे।
सुरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
नौ गिरफ्तार, दो बाकी
प्रभारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले में पुलिस सात आरोपियों को तो गिरफ्तार कर चुकी थी, मगर मुख्य हत्यारोपी सुनील व फरार चल रहे उसके कुछ अन्य साथियों की तलाश कर रही थी। सुनील पर तो पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मंगलवार को सुनील और उसका साथ राकेश पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए। अब तक इस मामले में 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, 2 और आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।
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वर्जन
दोनों बदमाशों को कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। कई वारदात का खुलासा किया है। जल्द ही फरार चल रहे अन्य गिरोह के सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरोह के संबंध में अहम जानकारी हाथ लगी है
-सुरेंद्र सिंह, इंचार्ज एसटीएफ, रोहतक
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