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सोमवार को गेम का अंतिम टास्क पूरा करने पर आत्महत्या करने वाला था छात्र

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक।
ब्लू व्हेल गेम के अंतिम टास्क आत्महत्या को पूरा करने से पहले ही सांपला के 11वीं के छात्र को बचा लिया गया। एंटी व्हीकल थेफ्ट एंड डिटेक्शन टीम ने पिता से संपर्क करके मौत का टास्क पूरा करने से पहले छात्र से मोबाइल ले लिया। सांपला के छात्र को उसके पंचकूला के दोस्त करण ने आत्महत्या करने से पहले लिंक भेजा था। जांच में सामने आया कि छात्र सोमवार को अंतिम टॉस्क आत्महत्या करने की तैयारी में था। छात्र अपने पिता के मोबाइल से ब्लू व्हेल गेम खेलता था।
जांच में पता चला है कि करण ठाकुर और सांपला के छात्र ने पंचकूला में एक साथ 10वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद छात्र सांपला आ गया। दोनों ही नॉन मेडिकल के छात्र थे। पुलिस के अनुसार करण और उसका दोस्त काफी समय से ऑनलाइन गेम खेलते थे। छात्र के सांपला आने के बाद भी वह करण के साथ ऑनलाइन गेम खेलता था। जांच में सामने आया कि आत्महत्या से पहले करण ने करीब एक सप्ताह पहले ही ब्लू व्हेल गेम का लिंक डाउनलोड किया था। करण लगातार टास्क पूरा करने के साथ दोस्त को भी टास्क पूरा करने के तरीके बताता था। सांपला निवासी छात्र अपनी स्कूल की कॉपी में उतार रहा था।
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सोमवार को पूरा करना था टास्क
ब्लू व्हेल के चक्कर में आत्महत्या करने वाला करण सिंह ने गेम का हर टास्क पूरा करने के बाद सांपला में अपने दोस्त के पास लिंक भेज था। छात्र ने लिंक को डाउनलोड करके टास्क पूरा करना शुरू कर दिया था। जांच में सामने आया है कि करण ने रविवार को अंतिम टास्क पूरा कर आत्महत्या से पहले अपने दोस्त के पास लिंक भेज दिया था। करण के दोस्त अंतिम टास्क को सोमवार को पूरा करने वाला था।

टास्क पूरा करने के साथ बदल रहा था छात्र का व्यवहार
जब छात्र की काउसिंलिंग की गई तो सामने आया कि पिछले कई दिनों से उसका व्यवहार बदल गया था। वह परिवार में किसी से भी बातचीत नहीं करता था। छात्र ने बताया कि गेम का हर टास्क पूरा करने के बाद से ही उसका व्यवहार बदल जाता था। जैसे ही टास्क पूरा होता तो वह रोमांच के लिए अगले टास्क का इंतजार करता था। अब वह आत्महत्या के अलग-अलग तरीकों के बारे में भी सोचने लगा था। धीरे-धीरे छात्र परिवार के लोगों से अलग होता चला गया।

दो घंटे पहले ही पिता ने जब्त कर लिया था मोबाइल और लैपटॉप
जैसे ही पंचकूला में करण के मोबाइल की जांच पड़ताल करने के बाद रोहतक पुलिस को छात्र के बारे में जानकारी दी गई तो इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने तुरंत छात्र के पिता से मोबाइल पर बात की। मनोज वर्मा ने उसके पिता से कहा कि अपने बेटे का मोबाइल और लैपटॉप कब्जे में लें। फिर सारा माजरा छात्र के पिता को बताया। इस पर छात्र के पिता ने मोबाइल और लैपटॉप को अपने कब्जे में लिया और छात्र को अपनी निगरानी में करीब दो घंटे तक रखा। तभी एवीटी की टीम उसके घर पहुंच गई।

किसी और को तो नहीं भेजा गया लिंक, होगी जांच
पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि छात्र अप्रैल 2017 में ही पंचकूला से सांपला आया था। इसके बाद से वह करण से मोबाइल पर ही बातचीत करता था। फिलहाल पुलिस ने छात्र का मोबाइल और लैपटॉप कब्जे में ले लिया है। इन दोनों को जांच पड़ताल के लिए गुरुग्राम लैब में भेजा जाएगा। ताकि पता चल सके कि करण से लिंक आने के बाद छात्र ने रोहतक में किसके पास लिंक को भेजा। छात्र के परिवार में मौजूद अन्य बच्चों की भी पुलिस ने काउसिंलिंग की है। साथ ही उनके मोबाइल की भी जांच पड़ताल की।

वर्जन
पंचकूला से सूचना मिली थी कि सांपला के एक गांव में छात्र के पास ब्लू व्हेल गेम का लिंक भेजा गया है। एसपी के निर्देश पर टीम छात्र के घर पहुंची और उसक ा मोबाइल व लैपटाप कब्जे में लिया। फिर कांउसिलिंग के बाद छात्र को परिजनों की निगरानी में सौंपा।
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इंस्पेक्टर मनोज कुमार, इंचार्ज एवीटी टीम

मनोचिकित्सक की राय
अगर आपका बच्चा लगातार मोबाइल के संपर्क में रह रहा है तो अभिभावक उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। साथ ही जानने का प्रयास करें कि लगातार मोबाइल और लोगों के संपर्क में रहने से बच्चे के व्यवहार में कोई परिवर्तन तो नहीं हो रहा। समय रहते उसका मोबाइल भी चेक करें, कहीं वह खतरनाक मौत का खेल ब्लू व्हेल तो नहीं खेल रहा। अगर किसी भी तरह से उसके व्यवहार में परिवर्तन है तो मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग कराएं।
डॉ. ब्रह्मदीप संधु, वरिष्ठ मनोरोग चिकित्सक
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