तीन माह पहले लव मैरिज करने वाले एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र की एमडीयू के हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
- परिवार में इकलौता था छात्र दक्षवीर, तीन माह पूर्व किया था प्रेम विवाह
- अत्यधिक नशे का सेवन या फिर आत्महत्या किए जाने का भी अंदेशा जताया जा रहा
- पुलिस मामले की जांच में जुटी, कमरे में मार्कर से लिखी लाइनें दे रही कुछ संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एमडीयू के विंध्याचल हॉस्टल में सोमवार को गुरुग्राम के एक कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसर के बेटे एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र के मुंह से झाग निकल रहा था। मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। छात्र ने तीन माह पूर्व ही बीए की छात्रा से प्रेम विवाह किया था। परिवार में वह इकलौता था। हॉस्टल के जिस कमरे में शव मिला, उसमें मार्कर से अंग्रेजी में लिखी लाइनें भी कुछ संदेश दे रही हैं। अत्यधिक नशे का सेवन भी मौत का कारण या फिर आत्महत्या करने की भी आशंका जताई जा रही है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
क्षेत्र के गांव खरकड़ा के रहने वाले दक्षवीर का परिवार पिछले कुछ समय से गुरुग्राम में रहता है। छात्र दक्ष के पिता बिजेंद्र सिंह गुरुग्राम के ही एक कॉलेज में प्रोफसर हैं, जबकि मां सुनीता एक कॉलेज में अध्यापिका हैं। दक्षवीर एमडीयू में एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र था। प्रतिदिन वह गुरुग्राम से ही एमडीयू के लिए अप-डाउन करता था। छुट्टी के बाद एमडीयू के विंध्याचल हॉस्टल में जूनियर छात्र विनय के रूम में दक्षवीर और उसके दोस्त विकास ने पार्टी की प्लानिंग की। इसके लिए विनय से कमरे की चाबी ले ली गई। विकास ने बताया कि जैसे ही वह खाना लेकर वापस लौटा तो देखा कि हॉस्टल के कमरे में दक्षवीर बेसुध होकर पड़ा था और उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। आनन-फानन में दक्षवीर को पहले शहर के ही प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। यहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में चिकित्सकों ने दक्षवीर को मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। तीन माह पूर्व ही दक्षवीर ने गुरुग्राम की बीए की छात्रा से प्रेम विवाह किया था। पत्नी घर पर ही रह रही थी।
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पत्नी के घरवालों द्वारा नहीं अपनाने पर खुश नहीं था दक्ष
दक्ष के दोस्त विकास ने बताया कि दक्ष ने उन्हें बताया था कि उसने प्रेम विवाह कर सही नहीं किया है। पत्नी के घरवाले दोनो ंकी शादी को मानने से इनकार कर रहे हैं। जिसके कारण वह टेंशन में है।
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सुल्फे से भरी सिगरेट का किया था सेवन, विकास ने परिजनों को दी जानकारी
विकास ने दक्ष के परिजनों को बताया कि कमरे में जाने के बाद विकास ने सुल्फे से भरी सिगरेट का सेवन कर लिया था। हालांकि उसने उसे सिगरेट को पीने से मना किया था। ओवर डोज के कारण भी छात्र की मौत की आशंका जताई जा रही है।
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मामले की जांच की जा रही है। छात्र दक्षवीर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा। - देवेंद्र मान, एसएचओ, पीजीआई एमएमएस।
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दीवारों पर यह लिखे थे संदेश
एमडीयू के हॉस्टल के जिस कमरा नंबर 79 में दक्षवीर का शव मिला। उस कमरे की दीवारों पर अंग्रेजी में आई कैन एंड आई विल, वहन यू फील क्वाईटिंग, थिंक एबाउट व्हाय स्टारटिड, ए कम्फर्ट जोन इज ए ब्यूटीफुल प्लेस बट नथिंग ग्रोज देयर, आदि शब्द लिखे हुए थे। हालांकि परिजन और छात्र के दोस्तों ने आत्महत्या की बात से साफ इनकार किया है। दक्ष के दोस्त विकास ने बताया कि पहले ही दीवारों पर यह संदेश लिखे हुए थे। मैं भी एक बार इस कमरे में रहा था। उसी समय से उक्त लाइनों को यहां पर संदेश देने के लिए लिखा गया था।
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देश सेवा का सपना लिए दुनिया को अलविदा कह गया दक्षवीर
न्यायिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहता था दक्षवीर, पढ़ने में था होशियार
- एलएलबी प्रथम और द्वितीय वर्ष मे ंप्राप्त किया था प्रथम स्थान
- साथी छात्रों को हर समय पढ़ने के लिए भी करता था मोटीवेट
महबूब अली
रोहतक। मैं न्यायिक अधिकारी बनकर गरीबों को न्याय दिलाउंगा। यही नहीं गरीबों से रिश्वत खाने वालों को भी कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करूंगा। हम सभी को कोई भी कार्य देश सेवा के लिए ही करना चाहिए। साथ ही गरीबों की मदद करने के लिए तैयार होना चाहिए। दो दिन पूर्व ही दक्षवीर ने उक्त बातें अपने साथ एलएलबी के ही छात्र विकास को कही थीं।
छात्र की मौत के बाद उसके साथी विकास, विनय और मंजीत का रो-रोकर बुरा हाल था। अन्य छात्र और लोग छात्रों को सांत्वना देने में लगे हुए थे। छात्र विकास ने बताया कि दक्षवीर पढ़ने में भी काफी होशियार था। इंटर में भी दक्षवीर ने जहां 80 प्रतिशत से अधिक स्थान प्राप्त किए थे। वहीं एलएलबी प्रथम और द्वितीय वर्ष में भी उसने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। विकास ने बताया कि दक्ष क्लास के अन्य छात्रों को भी पढ़ने के लिए मोटीवेट करता था। कहता था कि पढ़ाई के बाद ही अपने माता पिता का नाम रोशन किया जा सकता है। पिता बिजेंद्र सिंह ने बताया कि दक्ष न्यायिक अधिकारी बनकर देश देश सेवा करना चाहता था। कहता था कि न्यायिक अधिकारी बनकर गरीबों की सेवा की जाएगी, जो भ्रष्ट और अपराधी किस्म के लोग हैं, उन्हें सबक सिखाया जाएगा।
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भाई आज रूम पर ही होगा जश्न
दक्ष के साथी एलएलबी अंतिम वर्ष के ही छात्र विकास ने बताया कि कक्षा चलने के दौरान ही उन्होंने छात्र विनय के रुम पर जश्न करने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए विनय से पहले ही उसके रूम की चाबी ले ली गई। वह दक्षवीर को विनय के रूम में बैठाने के बाद खाना लेने के लिए चला गया। जैसे ही वापस लौटा तो दक्ष लेटा हुआ था। उसने पहले तो सोचा कि दक्ष सोया हुआ है। बाद में शक होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया था।
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पिता का रो-रोकर बुरा हाल
इकलौते बेटे की मौत की सूचना पाते ही दक्ष के पिता बिजेंद्र सिंह पीजीआई पहुंचे। उनका रोे-रोकर बुरा हाल था। पिता का कहना था कि यदि उसे पता होता तो वह आज कालेज के लिए दक्ष को नहीं भेजता। परिजन और रिश्तेदार बिजेंद्र को सांत्वना देने में लगे थे।
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भाई मुझे आज सांपला आना है, परेशान हूं
दक्ष के साथी मंजीत ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे दक्ष ने मुझे कालेज से ही कॉल की। कहा कि वह आज सांपला आना चाहता है। बहुत ही परेशान है। उसने कहा था कि आज सांपला मत आओ, मै ही रोहतक तुमसे मिलने के लिए आ जाता हूं। इसके बाद उसे पता चला कि एमडीयू में दक्ष का शव मिला है। मंजीत का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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फेसबुक पर 7 सितंबर को डाली थी पोस्ट
छात्र दक्ष ने सात सितंबर को सांसद दुष्यंत चौटाला के संबंध में पोस्ट डाली थी। जिसे बीस से अधिक दोस्तों ने लाइक और कमेंट भी किए हुए हैं। इसके अलावा 26 अगस्त को अपनी प्रोफाइल पिक अपडेट की थी। 19 अगस्त को पोस्ट डाला था। जिसमें कहा था कि अगर हारने से डर लगता है तो जीतने की इच्छा मत रखना।