जानलेवा हमले में दो को दस साल की सजा, दो बरी
-दोनों दोषियों पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया, कोर्ट में चल रहा था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
क्षेत्र के बोहर गांव में युवक पर बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला करने के दो आरोपियों को एडीएसजे आरपी गोयल ने दोषी मानते हुए दस दस साल की सजा सुनाई। जबकि सुबूतों के अभाव में दो महिलाओं को बरी कर दिया गया। दोषियों पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
23 सितम्बर 2014 को बोहर निवासी संदीप ने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि उसके भाई कपिल का 21 सितम्बर को गांव के ही रहने वाले रिषी के साथ झगड़ा हो गया था। जिसका पंचायती समझौता भी हो गया था। लेकिन रिषी का परिवार रंजिश रखे हुए था। शाम को जब उसकी पत्नी मोनिका पानी भरकर घर आ रही थी तो रिसी और उसके परिजनों ने उसे गालियां देनी शुरू कर दी। इस दौरान पीछे पीछे शिकायतकर्ता का भाई अजय भी खेत से घर आ रहा था। अजय ने समझाया तो सत्यवान और छोटा ने उसके भाई अजय के सिर में बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। झगड़े की बात पता लगते ही पीड़ित पक्ष से उसका भाई कपिल और बुआ का लड़का परमजीत निवासी सांघी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने देखा कि रिसी ने भी अजय को सुएं से हमला कर घायल कर दिया। घायल को उपचार के लिए पीजीआई भर्ती कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में रिसी, सत्यवान समेत परिवार की दो महिलाओं के खिलाफ भादस की धारा 323,307,506 के तहत केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेजी गई थी। एडीएसजे आरपी गोयल की कोर्ट में मामला च रहा था। कोर्ट ने रिषी और अजय को दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई। जबकि दो महिलाओं को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। दोषियों पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया गया।