कालेज व यूनिवर्सिटी में हथियार रखने वाले विद्यार्थी होंगे राउंडअप
- पुलिस विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का डाटा तैयार करेगी
विकास सैनी
रोहतक
अपराध की नर्सरी बनते जा रहे कॉलेज व यूनिवर्सिटी अब पुलिस के राडार पर रहेंगे। हथियार लेकर धड़ल्ले से घूमने वाले विद्यार्थियों को अब राउंडअप किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों का डाटा तैयार किया जाएगा। अपराध से जुड़े युवाओं पर भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। युवाओं को अपराध की दलदल में जाने से बचाने के लिए यह अभियान शुरू किया जाना है।
रौब झाड़ने के लिए अवैध हथियार लेकर घूम रहे युवा
पढ़ने लिखने की उम्र में युवा कलम नहीं हथियार उठा रहे हैं। ग्लैमर की चकाचौंध में दूसरों से अलग दिखने व साथियों पर रोब झाड़ने के लिए वे हथियार साथ रख कर घूमने लगे हैं। यह हम नहीं पुलिस का रिकॉर्ड कह रहा है। पिछले कुछ दिनों में सामने आए आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किए गए कालेज व विवि के युवाओं के पास से पुलिस को खतरनाक हथियार मिले हैं। इसमें चाकू या तलवार नहीं, रिवाल्वर, पिस्तौल व कारतूस शामिल हैं। अब तक पुलिस ऐसे 34 केस दर्ज कर चुकी है।
गिरफ्तार युवाओं से मिले अहम सुराग
पुलिस ने अपराध में शामिल कुछ युवाओं को गिरफ्तार किया है। इन युवाओं ने पुलिस पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस ने इन्हें फिलहाल गोपनीय रखा है। आरोपियों से ही युवाओं के पास हथियार होने की बात पता लगी है। अब पुलिस इन आरोपियों से नए सिरे से पूछताछ करेगी। इस दौरान शिक्षण संस्थानों को अपराध की नर्सरी में बदलने के कारण तलाशे जाएंगे।
सुधार के लिए काउंसिलिंग की है जरूरत
पढ़ लिख कर देश के लिए कुछ करने के बजाय अपराध की दलदल में धंस रहे युवाओं को बचाने के लिए काउंसिलिंग की जरूरत है। इसके लिए भी पुलिस प्रयास करेगी। शिक्षण संस्थानों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
युवा अपराध की ओर जा रहा है। इन्हें बचाने के लिए विभाग विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत कॉलेज व विवि में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का डाटा तैयार किया जाएगा। इनमें से अपराध से जुड़े व हथियार रखने वालों की पहचान की जाएगी। ऐसे युवाओं को राउंडअप किया जाएगा। इसके लिए इंटेलिजेंस नेटवर्क को और बेहतर बनाया जाएगा।
- जशनदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक।