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संत रामपाल को लेकर फिर टला फैसला

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फ्लैग : करौंथा आश्रम की जमीन को लेकर धोखाधड़ी का मामला
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हेडिंग : संत रामपाल को लेकर फिर टला फैसला

: जिला बार में वर्क सस्पेंड के चलते अदालत में नहीं पहुंचे वकील
: पहले जज के तबादले के बाद टल गया था मामले में फैसला
: एसीजेएम हरीश गोयल की अदालत में विचाराधीन है केस


अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
करौंथा के सतलोक आश्रम के संत रामपाल के खिलाफ जिला अदालत में चल रहे धोखाधड़ी के मामले में एक बार फिर फैसला टल गया। वीरवार को एसीजेएम हरीश गोयल की कोर्ट में जिला बार के अंदर वकीलों का वर्क सस्पेंड होने के चलते वकील पेश नहीं हो सके। इसके चलते अदालत ने मामले की अगली तारीख 1 मई तय की है।

बता दें कि संत रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट की तरफ से 2003 में करौंथा गांव की सीमा में सतलोक आश्रम बनाया गया। इसके लिए करौंथा गांव की गिफ्ट के तौर पर जमीन ली गई। 2006 में सिविल थाने में केस दर्ज कराया गया कि आश्रम के लिए ली गई जमीन में गांव की लड़की कमला देवी का भी हक था, लेकिन उसकी जगह किसी अन्य महिला को तहसील के अंदर खड़ा करके रजिस्ट्री करवा ली गई। पुलिस ने संत रामपाल सहित नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। लंबे समय से केस अदालत में चल रहा था। पांच अप्रैल को जज मेनका सिंह की अदालत को फैसला सुनाना था, लेकिन उनके अचानक लंबी छुट्टी चले जाने के कारण केस को एसीजेएम हरीश गोयल की कोर्ट में केस भेज दिया गया। 17 अप्रैल को दोबारा से केस के अंदर बहस हुई। साथ ही अदालत ने 19 अप्रैल तक दोनों पक्षों को और पक्ष रखने का समय दिया। अब 26 अप्रैल को केस में फैसला सुनाया जाना था, लेकिन वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते फैसला टाल दिया गया।
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केस के अंदर अब एसीएजेएम कोर्ट में भी बहस पूरी हो चुकी है। 26 अप्रैल को अदालत को केस में फैसला लेना था, लेकिन वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते अब अदालत ने 1 मई की फैसले के लिए तिथि तय की है।
- एनके कटारिया, वकील आर्य प्रतिनिधि सभा
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