रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के 18वें दीक्षांत समारोह में बेहतर शोध करने वाले तीन पीएचडी डिग्री धारकों को बेस्ट पीएचडी थीसिस के लिए सम्मानित किया जाएगा। प्रथम स्थान पर रही केमेस्ट्री विभाग की प्रियंका सेहरावत को एक लाख 21 हजार रुपये कैश अवार्ड भी दिया जाएगा। द्वितीय स्थान के लिए इसी विभाग के अनुज केा 51 हजार रुपये व तृतीय स्थान के लिए इसी विभाग की प्रिया फौगाट को 31 हजार रुपये कैश अवार्ड दिया जाएगा। इन तीनों ने ईको फ्रेंडली ऑर्गेनिक डिस्प्ले किया है। इनका शोध एलईडी व स्क्रीन डिस्पले की दुनिया में नई क्रांति की नींव रखेगी। इनके शोध के लिए इन्हें मंगलवार को सम्मानित किया जाएगा।
एमडीयू ने बेस्ट पीएचडी थिसिस के लिए 1216 में से कुल 12 नाम चुने हैं। इनमें से प्रथम, द्वितीय व तृतीय को छोड़ कर शेष नौ अभ्यर्थियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। फैकल्टी बेस्ड थिसिस अवार्ड में यूआईईटी के केमेसट्री विभाग की सविता व मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी विभाग की रवीना को 21 हजार रुपये कैश अवाॅर्ड दिया जाएगा। सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन में केमेस्ट्री विभाग से विकास व विजया कुमारी को 11 हजार रुपये कैश अवाॅर्ड दिया जाएगा। जबकि माइक्रोबायोलॉजी से सोनू, यूआईईटी सीएसई से मीनाक्षी, केमेस्ट्री से सुरेश कुमार, माइक्रो बायोलॉजी से श्वेता जायवाल व बायोटेक्नोलॉजी से अनीष का नाम चुना गया है।
यह है बेस्ट शोध : फोटो - 47
शोध में प्रथम रहने वाली आजादगढ़ रोहतक निवासी डॉ. प्रियंका सहरावत, प्रो. अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ के रसायन विभाग में कार्यरत हैं। गाइड प्रो. डॉ. राजबीर मलिक रहे। डॉ. प्रियंका ने खास फ्लोरसेंट मेटीरियल तैयार कर किफायती और इको फ्रेंडली एलईडी-सीएफएल की राह तलाशी है। सिंथेसाइज्ड फ्लोरसेंट मेटीरियल फॉरडिस्पले डिवाइसेस विषय पर किए शोध में सीएफएल के लिए ज्यादा ऊर्जा बचाने वाला पदार्थ तैयार किया है। लैब परीक्षण में इस पदार्थ की क्वांटम वेल्यू 62 से 70 प्रतिशत तक पाई गई।
यह शोध रहा द्वितीय - फोटो - 48
शोध में द्वितीय रही चरखी दादरी निवासी डॉ. प्रिया फोगाट ने बताया कि माता-पिता के सहयोग व गाइड प्रो. डॉ. विनोद बाला तक्षक एवं को-गाइड प्रो. डॉ. राजेश कुमार मलिक के मार्गदर्शन में शोध किया। स्ट्रक्चर एंड फोटो फिजिक्स पर्पज ऑफ सन लुसेंट विषय शोध के तहत आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाने वाली डिसप्ले तैयार करना है। इसी कड़ी में 10 तरह के कंपाउंड बनाए हैं। ये यूवी किरणें पड़ने पर न दिखाई देने वाली किरणों का रंग बदलने में सक्षम हैं।
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जींद के बराह कला निवासी डॉ. अनुज दलाल ने बताया कि गाइड प्रो. देवेंद्र सिंह की देखरेख में सिंथेसिस एंड ऑप्टोएलेक्ट्रॉनिक करक्टेरिस्टिक्स ऑफ रेयर-अर्थ मेटल कॉम्प्लेक्सेस फॉर डिस्प्ले ऍप्लिकेशंस एक ऑर्गेनिक डिस्प्ले है। यह पदार्थ आंखों को सुरक्षित रखने के साथ उर्जा की कम खपत में सक्षम है। यह एलईडी की तुलना में ज्यादा टिकाऊ है। इस पदार्थ के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। हालांकि इस पर खर्च अधिक आने के कारण यह कुछ महंगा है। इस क्षेत्र में मांग व शोध बढ़ने पर बेहतर पदार्थ तैयार किया जा सकता है। विवि की लैब के पांच शोधार्थियों को सस्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए व एक अक्तूबर 2023 को एल्सेवियर बीवी की ओर से प्रकाशित स्टैनफोर्ड साइटेशन इंडिकेटर्स का अपडेटेड साइंस-वाइड डेटाबेस शीर्ष दो प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की सूची में चुना गया है।
इन्हें भी मिलेगा सम्मान :
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