न्यायालय परिसर में जिला बार एसोसिएशन के निर्माणाधीन चैंबरों को लेकर डीएलएफ कॉलोनी के लोग बुधवार को एसडीएम राकेश कुमार से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सहित आठ मकानों में चैंबरों के निर्माण के चलते दरारें आई हैं। इस पर एसडीएम ने मामले की जांच कराने का का आश्वासन दिया।
डीएलएफ कॉलोनी निवासी पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की पत्नी वीना ग्रोवर, भूप सिंह सुहाग, संजय आहूजा, कर्नल सिंधवानी और प्रेम ग्रोवर ने उपायुक्त को संबोधित पत्र में लिखा है कि उनके मकान के उत्तर दिशा में न्यायिक परिसर है और उत्तर दिशा की दीवार कोर्ट परिसर की चहारदीवारी से लगती है। आरोप है कि भवन निर्माण में दीवार से दूरी न रखने के कारण मकानों में सीलन आ गई है। वहीं कई मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इससे मकान कमजोर हो गए हैं, लोगों को मकानों के गिरने का डर सताने लगा है। कॉलोनी वासियों ने लिखा कि वह डर के साये में रहने को मजबूर हैं। इसलिए जल्द मामले में कार्रवाई की जाए।
जिला बार के प्रधान बोले-तीन साल से हो रहा निर्माण, अब पूर्व मंत्री को हुई परेशानी
बार एसोसिएशन के प्रधान लोकेंद्र सिंह फौगाट का कहना है कि चैंबर निर्माण हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी करा रही है। यह निर्माण पिछले तीन साल से हो रहा है, लेकिन अब तक पूर्व मंत्री को कोई परेशानी नहीं हुई। जैसे ही वे प्रधान बने, वैसे ही पूर्व मंत्री को तकलीफ हो रही है। ये राजनीति से प्रेरित मामला है।
पूर्व मंत्री बोले-मैंने अनदेखा किया, लेकिन पड़ोसियों ने रखी बात
पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले उनके घर की पिछली दीवार में दरारें आ गईं थीं। मैंने उसे अनदेखा कर दिया, लेकिन अब आस पड़ोस के लोग उनसे मिले। पड़ोसियों ने कहा कि हमारी बात रखी जाए। कॉलोनी के लोगों ने मिलकर ज्ञापन दिया है। अधिकारी मामले को देखेंगे और जो उचित होगा, वह करेंगे।
उपायुक्त को भेज दी है समस्या : एसडीएम
एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि वकीलों के चैंबर निर्माण से मकानों में दरारें पड़ने की समस्या संबंधी ज्ञापन मिला है, जो उपायुक्त के नाम संबोधित है। वह यह ज्ञापन उपायुक्त को भेज दिया है। फिलहाल निर्माण हाईकोर्ट की कमेटी के अधीन है, इसलिए कार्रवाई भी हाईकोर्ट से ही होगी।
बार एसोसिएशन की छह मंजिला इमारत के निर्माणसे सटी डीएलएफ कॉलोनी के घरों में आई दरार को दिखाते मका?