अब आपको शहर में लावारिस पशु घूमते हुए नजर नहीं आएंगे। नगर निगम की हाउस
की हुई बैठक में गौशाला बनाने का प्रस्ताव पास किया गया है।
इसके
अलावा एजेंडे में रखे हुए 21 प्रस्ताव में से अधिकतर प्रस्ताव ध्वनिमत से
पारित किए गए। हाउस में पार्षदों के भारत भ्रमण के प्रस्ताव को भी
सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
सोमवार को नगर निगम की पहली
साधारण बैठक विकास सदन में हुई। बैठक की अध्यक्षता निगम के आयुक्त एवं जिला
उपायुक्त डॉ. अमित अग्रवाल ने की। बैठक में निगम की मेयर रेणु डाबला सहित
अधिकतर पार्षद मौजूद रहे। शुरुआत में पार्षदों ने एजेंडे के अनुसार 21
प्रस्ताव रखे।
तीन घंटे चली बैठक में प्रस्तावों पर काफी विचार
विमर्श हुआ और सबसे पहले शहर में लावारिस पशुओं से निजात के लिए गौशाला
बनाने का निर्णय लिया, जिस पर सभी पार्षदों ने अपनी सहमति जताई। जल्द ही
निगम गौशाला के लिए जगह चिह्नित करेगा। शहर में लावारिस पशु लोगों के लिए
परेशानी का सबब बने हुए हैं। आयुक्त ने पार्षदों की सहमति से नगर निगम की
खुद की गौशाला स्थापित किए जाने का प्रस्ताव पारित किया। लावारिस गायों के
अलावा बंदर व कुत्तों को पकड़ने के लिए कई पार्षदों ने मांग की, जिसको नगर
निगम अधिकारियों ने पूरा करने का भरोसा दिलाया।
मेयर के बैठक
में देरी से आने पर कई पार्षदों ने विरोध भी प्रकट किया, लेकिन बाद में सब
सामान्य हो गया। नगर निगम पार्षदों की तरफ से एजेंडा आयुक्त के समक्ष रखा
गया। एजेंडे में कुल 21 प्रस्ताव रखे गए थे, जबकि आधा दर्जन प्रस्ताव ऑन
टेबल लाए गए थे। पार्षदों ने एजेंडे में उत्तर व दक्षिण भारत के राज्यों के
भ्रमण का प्रस्ताव भी रखा ताकि वहां नगर निगम की कार्यप्रणाली का ज्ञान
हासिल किया जा सके। इस प्रस्ताव पर सभी पार्षदों ने सहमति जता दी।
बैठक
में डिप्टी मेयर अशोक भाटी, अशोक खुराना, अजय टाटू के अलावा डीएमसी
वाईएमसी गुप्ता, एटीपी कृष्ण वार्ष्णेय और जेटीओ लक्ष्मण सिंह के अलावा
अन्य पार्षद व निगम के अधिकारी मौजूद रहे।