रोहतक। कोविड की नई लहर ने दस्तक दे दी है। पीजीआई में पहली कोविड संदिग्ध महिला सामने आई है। इसे सी-ब्लॉक में क्वारंटीन कर दिया गया है। मरीज की रैपिड जांच कर उपचार शुरू कर दिया गया है। मरीजों की जांच के लिए रैपिड एंटीजन व आरटीपीसीआर वायल उपलब्ध करा दी गईं हैं। वहीं नागरिक अस्पताल भी कोविड से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं कोविड जांच व अन्य सुविधाएं सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए निशुल्क है।
पीजीआई के आपातकालीन विभाग में शनिवार को कोविड लक्षणों के साथ पहली महिला मरीज भर्ती हुई। मरीज को सी-ब्लॉक में क्वारंटीन कर इलाज दिया जा रहा है। इसके साथ ही आपातकालीन विभाग में स्टाफ मास्क लगाकर काम करते नजर आए। सी-ब्लॉक के कर्मचारी पीपीई किट में दिखाई दिए।
स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डाॅ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि कोविड से बचाव के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। यहां 250 रैपिड एंटीजन व 150 आरटीपीसीआर वायल कोविड जांच के लिए मुहैया करा दी गई हैं। मरीज आने पर उनकी जांच की जाएगी। फिलहाल कोविड के मरीज नहीं आ रहे हैं। यह बड़ी राहत है। केस आने पर उन्हें नियमानुसार उपचार दिया जाएगा।
कोविड से बचाव के सभी उपाय कर लिए गए हैं। अस्पताल में रैपिड टेस्ट के साथ आरटीपीसीआर जांच की सुविधा मुहैया करा दी गई है। केस आने पर जांच की जाएगी। गंभीर मरीज आने पर तुरंत रैपिड जांच कर उसका इलाज किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में कोविड के मरीजों का इलाज निशुल्क होगा।
-डॉ. रमेशचंद्र आर्य, सिविल सर्जन।