रोहतक। ईएसआई की हत्या करने वाले मुंशी मनोज को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी की मंशा हत्या करना नहीं थी। इसलिए उसे धारा 302 के बजाय 304 पार्ट टू के तहत सजा सुनाई गई। यह फैसला बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह की कोर्ट ने सुनाया।
कोर्ट के मुताबिक, कन्हेली निवासी ईएसआई जयकिशन सितंबर 2016 में हिसार रोड स्थित मालखाने में गार्द के रूप में ड्यूटी पर था। उसकी पांच सितंबर 2016 की रात मौत हो गई। मौत की वजह हृदयगति रुकना बताया गया। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा हुआ। उसके शरीर पर चोट मारने की बात भी सामने आई। पुलिस ने पड़ताल के बाद साथ ड्यूटी देने वाले मुंशी माछरौली निवासी मनोज के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच में सामने आया था कि घटना वाले दिन मुंशी गुगामेडी से मालखाना गार्द में पहुंचा था। यहां ईएसआइ शराब पी रहा था। ईएसआई ने मुंशी से शराब लाने को कहा। इस पर मुंशी ने धार्मिक स्थल से आने का हवाला देते हुए शराब लाने से इनकार कर दिया। इस बात पर दोनों के बीच मारपीट हो गई। मारपीट में लगी चोट के कारण ईएसआई की मौत हो गई। कोर्ट ने एफएसएल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ अन्य सबूतों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई।