रोहतक। सूती कपड़ा प्रकृति की देन है। पॉलिएस्टर, रेशमी कपड़ों का त्याग करें। सूती कपड़ा अपनाओ, स्वस्थ भारत बनाओ के स्लोगन लिखी तख्ती लेकर सूती कपड़े के कारीगरों ने रविवार को डीपार्क से अशोका चौक तक पैदल मार्च निकाला। अभियान के प्रमुख सूती कपड़ा कारोबारी नरेश कुमार कोचर ने बताया कि सूती कपड़े पहनने से त्वचा संबंधी कोई बीमारी नहीं होती है। यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर होता है। पैदल मार्च में सौ से ज्यादा सूती कपड़े के कारीगरों ने हिस्सा लिया। पैदल मार्च में प्रीतम दहिया, सुनीता, हेमा, मंजू मौजूद ररी।
02सीटीके02...आर के शर्मा । संवाद