रोहतक। नगर निगम प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित नहीं करवा पा रहा है। सोमवार को शहर में नौ जगह शिविर लगाए गए, जहां नाममात्र लोग ही पहुंचे। अब निगम रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) व मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सहयोग लेगा। मंगलवार को शहरी निकाय विभाग के निदेशक विकास गुप्ता अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। मामले को लेकर डीसी और निगम आयुक्त अजय कुमार ने निगम के अधिकारियों को कार्यालय में बुलाकर बैठक ली और रिपोर्ट तलब की।
डीसी एवं निगम आयुक्त अजय कुमार प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित कराने को लेकर बेहद गंभीर हैं। इसके लिए निगम के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि पांच, आठ व 10 अप्रैल को शहर में कैंप लगाए जाएं ताकि प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा दुरुस्त हो सके। निगम के रिकार्ड के मुताबिक 2 लाख 17 हजार प्रॉपर्टी में से पांच अप्रैल तक मात्र 14 प्रतिशत आईडी की स्वयं प्रमाणित है।
सोमवार को वार्ड दो स्थित सरकारी स्कूल इन्द्रा कालोनी, नजदीक पानी का बूस्टर, वार्ड 5 स्थित आंबेडकर धर्मशाला, सलारा मौहल्ला, वार्ड 10 में दादा बिशादे मंदिर बलियाणा, वार्ड 11 में जाट भवन, सैक्टर 01, वार्ड 12 में तिलक नगर धर्मशाला, वार्ड 14 में मातुराम कम्युनिटी सेंटर, गांधी नगर, वार्ड 17 में श्रीराम धर्मशाला, नजदीक पुराना बस स्टैंड, वार्ड 19 में सनातन धर्म बारात घर, शिवाजी कालोनी, वार्ड 21 में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर पार्क, झज्जर चुंगी में कैंप लगाए गए, जहां लोगों को निगम कर्मियों ने टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने के लिए जागरूक किया। हालांकि बहुत कम लोग ही शिविरों में पहुंचे।
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कल यहां लेंगे शिविर
वार्ड स्थान
03
श्रीराम धर्मशाला, नजदीक पुराना बस स्टैंड
06
सति भाई साई नाथ आश्रम, नजदीक पंजाबी शिव धर्मशाला गोहाना रोड
10
मोर वाली चौपाल, गांव खेड़ी साध
15
बाबा मूला संत मंदिर, आर्य नगर
22
सरकारी स्कूल, मुख्य अड्डा सुनारियां कलां
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वर्जन
नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के अधिकारियों के साथ बैठक की गई, जिसमें प्रॉपर्टी को स्वतः प्रमाणित करने कार्य में तेजी लाने की हिदायत दी। इसमें आरडब्ल्यू, सोसाइटी व मार्केट एसोसिएशन का सहयोग लिया जाए। साथ ही सरकारी संपत्ति को स्वयं प्रमाणित कराया जाए।
अजय कुमार, डीसी एवं निगम आयुक्त
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प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित न करने पर आएगी दिक्कत
निगम का कहना है कि प्रॉपर्टी स्वतः प्रमाणित करना जरूरी है क्योंकि ऐसा करने से कोई अन्य व्यक्ति आपकी प्रोपर्टी आईडी पर अपना आवेदन नहीं कर सकता। न ही प्रॉपर्टी आईडी के संबंध में सूचना प्राप्त कर सकता है। न ही आपकी प्रॉपर्टी आईडी का एनडीसी निकाल सकता है। भविष्य में संपत्ति के मालिकाना हक से संबंधित समस्याओं से बचने के लिए प्रॉपर्टी को स्वयं प्रमाणित करना जरूरी है।