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गांवों में संदिग्ध हालात में मौतों से प्रशासन की नींद उड़ी, खरावड़ में तीन दिन में 12 लोगों की मौत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सांपला। इलाके के गांवों में संदिग्ध हालात में मौतों ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। कई गांव में पिछले 1 सप्ताह में 5 से लेकर 20 लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है। जिसमें कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अलग-अलग स्थानों में उपचार चल रहा था। सिर्फ खरावड़ गांव में पिछले तीन दिन में 12 लोगों की मौत हो गई है।
इसके अलावा कुछ लोगों को बुखार की शिकायत और कुछ की उम्रदराज होने के कारण मौत हो चुकी है। इलाके में संदिग्ध मौतों के बढ़ते आंकड़े को देखते हुए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। प्रशासन की तरफ से लोगों को कोविड-19 टेस्ट करवाने, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ-साथ प्रशासन द्वारा उपमंडल स्तर पर टीमें बनाकर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की भी बात कही है।
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इलाके के खरावड़, इस्माईला गांव में मौत के बढ़ते आंकड़े को देखकर इस कदर लोग खौफजदा हैं कि घर से बाहर निकलना तो दूर घर के भीतर भी दहशत में हैं। खरावड़ के लोगों की मानें तो करीब 40 फीसदी घरों में खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की चारपाई बिछी हुई है। गांव में 1 सप्ताह में कोई मौतों को लेकर लोग खुलकर भी बोलने को तैयार नहीं। जिस कारण मौतों के कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। परंतु गांव में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण चुप्पी के साथ ग्रामीणों में खौफ भी देखा जा रहा है।
सरपंच बिजेंद्र, उदय भान, जसवंत सिंह आदि ने बताया कि गुरुवार को 3, शुक्रवार को 4 और शनिवार को 5 लोगों ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पिछले महीने से अब तक का आंकड़ा देखें तो करीब 40 लोगों से अधिक की मौत हो चुकी है। इसी तरह इस्माइल गांव में भी पिछले 8 दिनों में करीब 18 लोगों की मौत हो चुकी है। गिझी गांव में 8 दिनों के अंदर 5 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें कोरोना संक्रमित भी शामिल बताए गए। इसी तरह दतौड़ में 4, अटायल में तीन, गांधरा गांव में कोरोना से दो, हसनगढ़ में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अगर ग्रामीणों की माने तो ऐसा कोई भी इलाके का गांव नहीं जहां मृत्यु दर न बढ़ रही हो। इतनी अधिक संख्या में लोगों की हो रही मौत चिंता का कारण है।
ऐसे हालात कभी नहीं देखे
खरावड़ गांव के सरपंच बिजेंद्र मलिक के अनुसार गांव में 1 दिन में चार और पांच शव उठाने पड़ रहे हैं। जिंदगी में ऐसे हालात कभी नहीं देखे। गांव के हर घर में बुखार के मरीज हैं। उनका कहना कि गांव में प्राइमरी हेल्थ सेंटर तो बना है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बढ़ती मौतों के आंकड़ों को लेकर पूरा गांव में खौफ बना हुआ है। गांव में अब लोगों द्वारा भगवान से दुआओं का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को खरावड़ गांव में हवन कुंड एक ट्रैक्टर में रखकर पूरे गांव में घुमाया गया और लोगों ने आहुति डालकर भगवान से सुख समृद्धि व शांति देने की दुआएं मांगी। ऐसा ही गिझी गांव में दादा भैया पर सुबह 2 घंटे हवन यज्ञ में आहुति डालकर लोगों ने भगवान से गांव को सुख व सुरक्षित रखने की दुआएं मांगी गई। वही कसरेटी गांव में भी हवन यज्ञ सामग्री डालकर पूरे गांव में घुमाया गया और लोगों से अपील की गई कि वे घरों के अंदर रहे और मास्क का प्रयोग करें। गढी सांपला गांव में भी युवा मित्र मंडली द्वारा भी एक रिक्शा में हवन कुुंड रखकर सभी गलियों में घुमाया गया। लोगों को आयुर्वेदिक सामग्री से तैयार काढ़ा बनाकर उनको कोरोना से बचाने के लिए पिलाया गया।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
खरावड़ प्राइमरी हेल्थ सेंटर के डॉ. मनोज कुमार का कहना कि हाल में सेंटर पर लोगों को कोविड-19 का टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है। अब तक करीब 35 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। उन्होंने माना कि गांव में वायरल बुखार के ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। लेकिन लोग कोरोना जांच के लिए आगे नहीं आ रहे। करीब एक दर्जन लोग कोरोना वायरस के शिकार हैं। जिनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लोगों को गांव में पहुंचकर सैंपल लेने का काम करेगी। लोगों से अपील की जा रही है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क लगाएं व बगैर जरूरत काम के बाहर न जाएं।
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