जिले में कोरोना संक्रमण का रफ्तार बेकाबू हो चला है। लगातार सामने आ रहे संक्रमितों व मौतों का आंकड़ा स्थिति की भयावहता खुद बया कर रहा है। महामारी से जंग में हथियार भी कम पड़ने लगे हैं। वैक्सीन खत्म हो चुकी है। ऑक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। पल्स ऑक्सीमीटर जैसे उपकरण महंगे होने के बावजूद नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मरीज व उनके परिजन परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहा है।
कोरोना संक्रमण के कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात ये हैं कि जिस घर में संक्रमण पहुंच रहा है, वहां पूरा परिवार संक्रमित हो रहा है। डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस के जवान, अधिकारी, व्यवसायी, दुकानदार, श्रमिक, शिक्षक, विद्यार्थी, यहां तक की गृहिणियां तक सुरक्षित नहीं हैं। जितनी तेजी से महामारी फैल रही है, उतनी तेजी से राहत कार्य नहीं चल पा रहे हैं। मरीजों को राहत के नाम पर अपने घरों में आइसोलेशन के अलावा और कोई सलाह नहीं दी जा रही है।
महामारी से बचाने वाली वैक्सीन तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। जिले के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए टीकाकरण शिविरों पर लोगों को घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा। शिविर में जितने लोगों ने पंजीकरण कराया उससे आधी संख्या में ही वैक्सीन उपलब्ध रही। शेष का बगैर वैक्सीनेशन के घर लौटना पड़ा। इस कारण लोगों ने सरकार व प्रशासन को लचर व्यवस्था के लिए खूब कोसा। अब वैक्सीन कब आएगी या कब से दोबारा वैक्सीनेशन शुरू होगा, पता नहीं।
एक मई से कैसे शुरू होगा मेगा वैक्सीनेशन
सरकार ने फिलहाल 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ही वैक्सीनेशन की व्यवस्था बनाई हुई है। इनके लिए ही शिविर भी लगाए जा रहे हैं। जबकि वैक्सीनेशन की जरूरत सभी को है। इसके चलते सरकार ने एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने के निर्देश जारी किए हैं। जबकि वैक्सीन अभी से खत्म हो चुकी है। ऐसे में एक मई से शुरू होने वाला मेगा वैक्सीनेशन अभियान कैसे सफल होगा, यह अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है।
ऑक्सीजन की कमी, नहीं मिल रहा बेड
सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या और ऑक्सीजन उपलब्धता परेशानी का सबब बनती जा रही है। ऑक्सीजन की मांग से कम आपूर्ति के कारण अस्पतालों ने भी गंभीर मरीज लेने बंद कर दिए हैं। इस कारण परिजनों को अपना मरीज लेकर अस्पताल-अस्पताल घूमने के बावजूद राहत नहीं मिल रही है।
जिले में कोविड मरीजों के लिए 909 बेड, 171 खाली
कोविड मरीजों लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीजीआई व सिविल अस्पताल समेत 13 अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था का दावा किया है। इनमें 11 निजी अस्पताल शामिल हैं। इन सभी में 909 बेड कोविड मरीजों के लिए रखे गए हैं। इनमें से 87 आईसीयू व 143 वेंटिलेटर बेड हैं। जिले के कुल 909 बेडों में से फिलहाल 171 ही मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें से 158 आइसोलेशन, चार आईसीयू व नौ वेंटिलेटर बेड हैं। आईसीयू व वेंटिलेटर बेड लगभग नगण्य हो चले हैं। इस कारण अस्पतालों में बेड के लिए मारामारी मची है। हालांकि कुछ निजी अस्पतालों में कोविड के लिए निर्धारित बेड से अतिरिक्त मरीजों को मुहैया कराए हैं। इसमें आईसीयू, वेंटिलेटर व आइसोलेशन बेड शामिल है। इसके बावजूद मरीजों की भीड़ के सामने यह प्रयास नाकाफी है।
खटीक धर्मशाला में 80 ने लगवाई वैक्सीन
अखिल भारतीय खटीक समाज की ओर से रविवार को खटीक धर्मशाला में वैक्सीनेशन शिविर लगाया गया। यहां 80 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। समाज के जिला अध्यक्ष मनीष रतवाया ने बताया कि टीकाकरण से पहले लोगों का पंजीकरण किया गया। शिविर के आयोजक अशोक जांगड़ा ने बताया कि सभी लोगों ने मास्क व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए महामारी से बचाव की वैक्सीन लगवाई। शिविर में डॉ. अनिता, अरुण खींची, हेमराज खींची, रवि खन्ना उपस्थित रहे।
200 को लगे टीके, 150 बैरंग लौटे
वैद्य केसर दास सेवा समिति की ओर से रविवार को टीकाकरण शिविर लगाया गया। यहां 200 लोगों को टीका लगाया गया। समिति के संचालक राजेश सिंधवानी ने बताया कि मुख्य अतिथि भारत भूषण बत्रा, वशिष्ठ अतिथि सीएमओ अनिल बिरला रहे। अध्यक्षता नवीन जैन ने की। टीकाकरण के लिए 350 लोगों ने पंजीकरण कराया। शिविर में वैक्सीन 200 लोगों को ही लग पाई। शेष को वैक्सीन नहीं होने की वजह से बैरंग लौटना पड़ा। इस मौके पर मदन मोहन, जय सिंधवानी, जेपी गौड़, सतीश सुनेजा, ओपी शर्मा, चरणजीत शर्मा, सिद्धांत भाटिया, डॉ. सिद्धार्थ, सुनील भयाना मौजूद रहे।
महादेव मंदिर में 100 को लगा टीका, 75 लौटे
स्वामी परमानंद धर्मार्थ ट्रस्ट, महादेव सेवा संघ एवं आपके साथ एक नई शुरुआत सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को दूसरे कोरोना टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शहर के सेक्टर चार महादेव मंदिर में लगाए गए इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. कोमल सहारण के नेतृत्व में स्टाफ नर्स राधिका ने पंडित विजय कुमार बृजवासी के सान्निध्य टीकाकरण किया। यहां 175 लोगों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से 100 को ही टीका लग पाया। इसके बाद वैक्सीन खत्म हो गई। इस कारण लोगों को मायूस लौटना पड़ा। इस मौके पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सैनी, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकरिणी सदस्य नवनीत अत्री, रक्तदाता जेपी गौड़ रहे। कार्यक्रम का संयोजन परशुराम विश्व हिंदू संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री पं. लोकेष शर्मा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदीप कौशिक ने की। इस मौके पर रविंद्र गौड़, जगत सिंह गिल, पं. गंगाश्याम शास्त्री, राजेंद्र नांदल, भीम सिंह रंगा, नेहा शर्मा, राकेश, विशांत, रमेश गौड़, जगबीर मलिक, यशपाल हुड्डा, ऋषिराम भारद्वाज, अनिल अत्री ने सहयोग किया।
राजपूत धर्मशाला में 80 को लगी वैक्सीन
कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही टीकाकरण मुहिम के तहत राजपूत महासभा की ओर से जींद बाईपास स्थित राजपूत धर्मशाला में कोविड वैक्सीनेशन के दूसरे कैंप का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता राजपूत महासभा के अध्यक्ष जगजीत परमार ने की। डॉ. जसबीर परमार ने बताया कि दूसरा वैक्सीन कैंप सफल रहा। लोग बेझिझक वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं। किसी भी तरह की अगर किसी को कोई परेशानी या दिक्कत है, तो डॉक्टरों की टीम जागरूक करने के लिए मौजूद है। कैंप में 80 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। डॉ. जसबीर परमार ने लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी देकर जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया गया है। इस मौके पर डॉ. राजेश परमार, डॉ. विजय पुंडीर, सतबीर राणा, जयपाल चौहान, सुरेंद्र परमार, अनिल रावल, अरविंद पुंडीर, रणबीर तंवर, संजीव राजपूत मोखरा समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
कोरोना महामारी को देखते हुए पर्याप्त बंदोबस्त किए जा रहे हैं। मरीजों के लिए बेड की कमी दूर करने के लिए सिविल अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में होली हार्ट अस्पताल के दूसरे हिस्से में भी बेड शुरू कराए जा रहे हैं। दो और निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल की मंजूरी दी जा रही है। ऑक्सीजन व इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कुछ दिक्कत है। इसकी बड़ी वजह मांग अधिक होना है। यहां दिल्ली, बहादुरगढ़, सोनीपत, रेवाड़ी व अन्य जिलों से भी मरीज आ रहे हैं। इस कारण समस्या बढ़ गई है। जल्दी ही समाधान किया जाएगा। वैक्सीन की पांच हजार डोज हमारे पास है। जल्दी और वैक्सीन भी पहुंच जाएगी। लोकेशन व मांग के हिसाब से वैक्सीन भेजी जा रही है। फिर भी कहीं कोई कमी है तो इस पर ध्यान दिया जाएगा। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।