कोरोना के मरीजों का सैंपल लेने के लिए तैयार करवाई गई एंबुलेंस।
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रोहतक। गर्मी और कोरोना का संक्रमण इन दिनों नमूने लेने वाले डॉक्टर व अन्य स्टाफ के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। 40 डिग्री के तापमान में बगैर एसी चार से छह घंटे पीपीई किट पहनना और सैंपलिंग करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। किट पहने-पहने डॉक्टर, नर्स व स्टाफ कई बार गर्मी के चलते डी-हाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इसी समस्या का हल स्वास्थ्य विभाग ने निकालते हुए अपनी एक एंबुलेंस को स्पेशल नमूने लेने के लिए तैयार करवाया है।
अमर उजाला ने खुले में गर्मी की परवाह किए बिना कोरोना के नमूने लेने वाले डॉक्टर व स्टाफ के मुद्दे को उठाया था। इसमें नमूने लेने वाले पहले लोगों को एकत्रित करते थे, फिर सैंपल लेते थे। वह बार-बार किट पहनने से बचते थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी एक एंबुलेंस को ट्रायल के रूप में तैयार करवाया है। इस एंबुलेंस को तय स्थान पर स्वास्थ्य विभाग ले जाएगा और चिन्हित लोगों की सैंपलिंग करेगा। इसका लाभ यह होगा कि मरीजों को एक स्थान से कई एंबुलेंस में अस्पताल लाने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा नमूने लेने वाले को एंबुलेंस में रह कर नमूने लेने में आसानी होगी। क्योंकि एंबुलेंस के अंदर बगैर पीपीई किट भी सैंपल लिया जा सकेगा। इससे स्टाफ गर्मी व संक्रमण दोनों से बच सकेगा। एंबुलेंस में शीशे को काट कर दस्ताने बाहर की ओर निकाले गए हैं। इससे मरीज के गले और नाक का स्वैब आसानी से लिया जा सकेगा और सैंपलिंग करने वाला सुरक्षित रहेगा। सिविल सर्जन ने बताया कि अभी एक एंबुलेंस को तैयार कराया गया है। इस एंबुलेंस को कहीं भी भेज कर सैंपलिंग करवा सकेंगे। यदि इसके बेहतर परिणाम मिलते हैं तो और एंबुलेंस में यह व्यवस्था करवाने पर विचार किया जाएगा।