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कोरोना संक्रमितों की संख्या 6463 तक पहुंची, 5711 ने जीती जंग

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कोरोना सैंपलिंग के लिए जगह का निरीक्षण करने पहुंचीं एमएस डॉ. पुष्पा दहिया व डीएमएस डॉ. संदीप। - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। जिले में कोरोना से अब तक 6463 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 5711 मरीज संक्रमण से अब तक जंग जीत चुके हैं और उपचार के दौरान 70 मरीज जान भी गंवा चुके हैं। हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि कोरोना पीक पर चल रहा है, इसके बावजूद कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। यही नहीं इन दिनों सैंपल कम होने के कारण संक्रमितों की संख्या भी घटने लगी है।
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वीरवार को हेल्थ विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में कोरोना के कुल सक्रिय मरीज 684 हैं। इसमें एक दिन में 47 मरीजों की पुष्टि हुई है। 34 मरीज पीजीआईएमएस में उपचाराधीन हैं तो 650 मरीज अपने घर पर हैं। होम आइसोलेशन में चल रहे मरीजों से रोजाना टीम हालचाल पूछ रही है। जिले में 4.8 प्रतिशत के हिसाब से संक्रमण मिल रहा है। जबकि रिकवरी रेट 88:36 हो गया है। वीरवार को महज 1410 सैंपल जांचे गए, जबकि पिछले दिनों इनकी संख्या दो हजार के पार होती थी। इन दिनों पुलिस के जवानों के अलावा हेल्थ विभाग से जुड़े, बैंक कर्मचारी, शिक्षक-विद्यार्थी, गृहिणी, बिजनेसमैन संक्रमित मिल रहे हैं। पीजीआईएमएस लगातार हॉट स्पॉट बना हुआ है, यहां दो नये डॉक्टर संक्रमित मिले हैं।
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कोरोना के सैंपलों की जांच सी-ब्लाक से ट्रामा सेंटर में शिफ्ट
पीजीआईएमएस अब कोरोना के सैंपलों की जांच आपात विभाग के साथ सी-ब्लाक की बजाए ट्रामा सेंटर के साथ बने वेटिंग हाल में करेगा। इसके लिए वीरवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया ने ट्रॉमा सेंटर व लाला श्याम लाल बिल्डिंग का दौरा किया। उन्होंने मौके की समस्याओं का निपटान किया और हर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।
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कोविड-19 सैंपलिंग इंचार्ज डॉ. हरनीत ने बताया कि ट्रामा सेंटर के बाहर वेटिंग हाल में नया जांच सेंटर तैयार किया जा रहा है। इस क्षेत्र में मरीजों को जांच करवाने में कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर पुष्पा दहिया ने कहा कि संस्थान का हमेशा यही प्रयास रहता है कि संस्थान में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े, इसके लिए संस्थान पूर्ण रूप से प्रयासरत है। पिछले काफी समय से देखा जा रहा था कि आपातकालीन विभाग के साथ सैंपलिंग क्षेत्र होने के चलते इन्फेक्शन फैलने का काफी खतरा था, इसलिए सभी की जरूरतों का ध्यान रखते हुए कोविड-19 की सैंपलिंग को ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। डीएमएस डॉक्टर संदीप ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के वेटिंग एरिया में सैंपलिंग शुरू हो जाने से इंफेक्शन फैलने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है, क्योंकि यहां पर अन्य बीमारियों के मरीज नहीं आते। मौके पर डॉक्टर अमरीश ने बताया कि नए सेंटर से लोगों को भी काफी सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर डॉ. एसके सिंघल, डॉक्टर हरनीत, नर्सिंग सुपरडेंट इशवंती मलिक व शीतल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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