तीन दिन पहले पैदा हुई बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।
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कोरोना महामारी ने जहां अपनों को संक्रमण से बचने के लिए स्वयं से दूर कर दिया है, वहीं सोशल मीडिया इस दूरी को कम कर रहा है। पीजीआईएमएस में तीन दिन पहले 12 मई रात करीब ढाई बजे एक कोरोना संक्रमित महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। संक्रमण से बच्ची को बचाने के लिए चिकित्सकों ने उसे मां से दूर निकू विभाग में रखा। मां का दिल बेटी को देखने के लिए बेचैन था, वीरवार को बाल रोग विभाग के निकू स्टाफ व डॉक्सरों ने वीडियो कॉल से महिला को उसकी बेटी की पहली छलक दिखाई। बेटी को देखकर मां भावुक हो गई। वीडियो काल से बेटी का दीदार कराने पर महिला ने सभी का आभार जताया।
बाल रोग विभाग विशेषज्ञ डॉ. जगजीत दलाल ने बताया कि मां बार-बार आग्रह कर रही थी कि उसको उसकी बेटी की एक झलक दिखा दो। इसके लिए वीडियो कॉलिंग का माध्यम चुना गया, यही मां-बेटी दोनों के लिए सुरक्षित साधन था। बच्ची की एक जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है और दूसरी जांच रिपोर्ट पांच दिन बाद करेंगे। यदि वह भी निगेटिव आती है तो उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इसके बाद उसके परिवार में जो स्वस्थ होगा उसे दिया जाएगा। यदि मां बच्ची को अपने पास रखना चाहेगी कि उसे पूरे सुरक्षा इंतजाम के साथ एक से दो मीटर दूर बेड पर रखा जाएगा।
वीडियो काल पर अपनी बेटी की पहली झलक देखती कोरोना संक्रमित मां। - फोटो : RohtakCity