जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित पहला पॉजिटिव केस सामने आया है। इस केस में महिला कोरोना से संक्रमित पाई गई है। यह महिला 20 मार्च का यूएसए से लौटी थी और करीब दो दिन पूर्व ही बुखार की शिकायत के चलते नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची थी। अस्पताल प्रशासन द्वारा सोमवार को महिला सहित दो कोरोना संदिग्ध सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
पीड़ित महिला ने बुखार की सूचना स्वयं स्वास्थ्य विभाग को दी थी। विभाग की ओर से एंबुलेंस भेजी गई और एंबुलेंस चालक व ईएमटी रामनिवास महिला, उसके पति को लेकर अस्पताल पहुंचे। जांच के बाद कोरोना संदिग्ध होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया। सोमवार दोपहर को महिला का सैंपल रोहतक पीजीआई भेजा गया, जहां देर रात उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जानकारी के अनुसार महिला का पति भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है और फिलहाल यह दंपती यूएसए में रह रहा था। वहां से यह दंपती 20 मार्च को हिसार लौटा था। जांच के दौरान महिला के पति में करोना के लक्षण न मिलने पर उसे एंबुलेंस के जरिये घर भेज दिया गया था। वहीं, अस्पताल की ओर से रविवार को भेजे गए छह माह के बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी तक बच्चे को डॉक्टरों द्वारा छुट्टी नहीं दी गई है। वहीं, जिला अस्पताल की ओर से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट अस्पताल से आए एक-एक कोरोना संदिग्ध सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
लापरवाही : आइसोलेशन वार्ड के बाहर कुर्सियों पर बैठी थी पीड़िता
ईएमटी रामनिवास, एंबुलेंस चालक, नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर ने एप्रिन, ग्लव्स, मास्क व चश्मा पहने रखे थे, जबकि सिक्योरिटी गार्ड के पास केवल मास्क थे। इससे इनके संक्रमित होने का खतरा है। वहीं महिला के परिजनों को भी जांच की जरूरत है। हालांकि महिला कुछ देर तक आइसोलेशन वार्ड के बाहर स्थित कुर्सियों पर बैठी हुई थी। इससे आसपास के सभी लोगों में संक्रमण का खतरा है।
285 लोग बाहर से लौटे
जिले में अभी तक बाहर से 285 लोग आए हैं। इनमें 25 लोग ग्रामीण एरिया से, जबकि अन्य शहर वासी हैं। उनमें से कुछ लोगों का होम क्वारंटीन समाप्त हो चुका है और कुछ का बाकी है। इसके लिए विभाग हर रोज 4 से 5 बार फोन कर उनकी दिनचर्या का पता लगाते हैं। उनकी टीम सभी लोगों के घर-घर पहुंचकर जांच करती है। बायोलॉजिस्ट डॉ. रमेश पूनिया के अनुसार रविवार शाम को होम क्वारंटीन शहर वासी एक महिला ने विभाग की टीम को कॉल कर बताया कि उसे खांसी-जुकाम है और उसे दवा की जरूरत है। उसके बाद एंबुलेंस के जरिये उस महिला को घर से अस्पताल लेकर आए और दवा दिलाने के बाद घर वापस छोड़ा गया।
ट्राइएज में 156 लोग जांच के लिए पहुंचे
जिला अस्पताल में ट्राइएज में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे तक गुजरात, मुंबई, हैदराबाद, राजस्थान, तेलंगाना, बंगलूरू सहित प्रदेश के अन्य जिलों से 156 लोग जांच कराने पहुंचे। ट्राइएज में स्टाफ द्वारा सभी की हिस्ट्री पता कर उन्हें फ्लू क्लीनिक में भेज दिया गया। यहां डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
वर्जन
आज कोरोना संदिग्ध दो सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, कल तीन कोरोना संदिग्ध सैंपल भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। - डॉ. जया गोयल, डिप्टी सिविल सर्जन, हिसार