राज्य स्तरीय कन्वेंशन में मौजूद किसान। संवाद न्यूज एजेंसी
किसान व अन्य संगठन हरियाणा सरकार द्वारा पारित संपत्ति क्षति वसूली विधेयक के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से छोटूराम धर्मशाला में आयोजित कन्वेंशन में इसकी कड़ी निंदा की गई। साथ ही फैसला किया गया कि असेंबली बम कांड वाले दिन 8 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर विधेयक की प्रतियां जलाई जाएंगी। वहीं, 20 अप्रैल को राज भवन पर रोष प्रदर्शन होगा। सभी वर्गों के लोगों को इसके खिलाफ लामबंद किया जाएगा।
कन्वेंशन की अध्यक्षता प्रेम सिंह गहलावत, जयकरण दलाल, सुरेखा और फूल सिंह श्योकंद नेे की, संचालन सुमित सिंह ने किया। प्रस्ताव पास कर फसलों के कटाई सीजन के दौरान बॉर्डर पर किसान आंदोलन मजबूत करने का फैसला किया गया। किसान सभा के इंद्रजीत सिंह ने कहा कि विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने ऐसा विधेयक पारित किया है, जिसका मकसद आंदोलन करने वालों को दबाना है। इसमें कई खतरनाक प्रावधान हैं। किसी भी आंदोलन के दौरान निजी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो भरपाई आंदोलनकारियों से की जाएगी। पुलिस जिन्हें भी दोषी बनाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार उपायुक्त को होगा। सरकार द्वारा गठित किसी ट्रिब्यूनल में ही सुनवाई होगी। मौजूदा किसान और अन्य आंदोलनों में इसका दुरुपयोग निश्चित है। वीरवार को राज्यपाल के दस्तखत के बाद यह कानून बन चुका है। कानून पर कानूनी माहिरों राजेंद्र, गुरमेज व प्रदीप रापड़िया ने अपनी बात रखी। कन्वेंशन में पंजाब के किसान नेता रल्दू सिंह, बलजीत व सुरजीत भी शामिल हुए। हरियाणा से डॉ. अजय बल्हारा जोगेंद्र बल्हारा, जयकुवार दहिया, रमेश खुराना, जय भगवान, सत्यवान धर्मबीर लोहान आदि शामिल हुए।