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ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से करें संपर्क

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उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने हरियाणा सरकार ने म्यूोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है। सरकार इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। लोग सावधानी बरतें और ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते ही फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।
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उपायुक्त ने बताया कि ब्लैक फंगस के लक्षणों में आंख और कान के आसपास दर्द या लालिमा, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, बुखार, खांसी, उल्टी में खून और मा नसिक भ्रम आदि शामिल हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए धूल भरे निर्माण स्थलों पर जाते समय मास्क का प्रयोग करें, मिट्टी, काई या खाद आदि का काम करते समय जूते, लंबी पतलून, पूरी बाजू की शर्ट और दस्ताने पहनें। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें और प्रतिदिन अच्छी तरह स्नान करें। खून में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रण में रखें। उपायुक्त ने कहा कि जिन अस्पतालों को ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए एम्फोटेरिसिन-बी इजेक्शन की जरूरत है, वे राज्य स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर दिशा निर्देश देख सकते हैं। इंजेक्शन के लिए उन्हें निर्धारित प्रोफार्मा पर ई-मेल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
डॉक्टर की सलाह से करें स्टेरॉयड का इस्तेमाल : कोरोना ठीक होने के बाद डायबिटीज के रोगी ब्लड ग्लूकोज का ध्यान रखें। स्टेरॉयड का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर और सही समय, सही खुराक और सही अवधि के साथ ही करें। ऑक्सीजन थेरेपी के लिए साफ और जीवाणु रहित जल का ही इस्तेमाल करें। एंटीबायोटिक और एंटी फंगल दवाओं का सोच-समझ कर इस्तेमाल करें। वहीं, चेतावनी के संकेत और लक्षणों को अनदेखा न करें। लक्षण नजर आने पर इलाज में देरी न करें।
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