13-रोहतक में निर्माण मजदूरों को संबोधित करते निर्माण मजदूर यूनियन के पदाधिकारी। स्रोत : यूनिय
रोहतक। निर्माण मजदूर यूनियनों के संयुक्त निर्माण मोर्चा के राज्यस्तरीय पदाधिकारियों ने वीरवार को महम और रोहतक ब्लॉक के गांवों में पहुंचकर जनसभाएं कीं। पदाधिकारियों ने कहा कि 14 दिसंबर को प्रदेशभर के निर्माण मजदूर अपनी मांगों को मनवाने के लिए कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
भवन निर्माण कामगार यूनियन के राज्य उपप्रधान विनोद ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले निर्माण मजदूरों को लुभाने के लिए ई-स्कूटी बांटी, नए पंजीकरण पर 1100 रुपये शगुन देने की घोषणा की लेकिन सत्ता में आने के छह महीने के अंदर ही भ्रष्टाचार का हवाला देकर श्रम कल्याण बोर्ड का पोर्टल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। इससे पांच महीने से मजदूरों का पंजीकरण बंद है। कन्यादान, मातृत्व-पितृत्व लाभ, छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं ठप पड़ी हैं।
भवन निर्माण मजदूर संघ के राज्य प्रधान धर्मबीर लोहान ने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण मजदूर दलित एवं पिछड़ा वर्ग से आते हैं। भाजपा इनके हितैषी होने का ढोंग करती है लेकिन 10 साल से ज्यादा इन्हीं वर्गों के अधिकारों पर हमला हुआ है।
भवन निर्माण कल्याण कोष में 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा है जिसे मजदूरों पर खर्च करना चाहिए लेकिन सरकार इस राशि पर कुंडली मारे बैठी है। जिला प्रधान सतपाल ने बताया कि 21 नवंबर को चार मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू कर 29 पुराने श्रम कानूनों को रद्द कर दिया है। इससे मजदूर पूंजीपतियों के गुलाम बनने की स्थिति में पहुंच गए हैं।