बादली। कांग्रेस सांसद एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहा है कि कांग्रेस कुछ नेताओं के सहारे नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के सहारे आगे बढ़ेगी। क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस की हार का कारण संगठन का अभाव रहा है। पार्टी की ओर से संगठन के लिए काम जोर-शोर से नहीं किया जा सका, इसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ा है। कई राज्यों के चुनाव में व्यस्त होने के चलते नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं हो सका है।
कुमारी शैलजा मंगलवार को बादली हलके के गांव बुपनियां में कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष सुमन लोहचब की ओर से आयोजित सम्मान समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने एक सवाल के जवाब पर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की ओर से कमेटी का गठन करना ठीक है और हार के कारणों की समीक्षा भी की जा रही है। कांग्रेस में सीएम पद को लेकर कोई लड़ाई नहीं थी और वह स्वयं सीएम पद की लालसा नहीं रखती हैं और ना ही कभी इसके लिए जोर लगाया। पार्टी के बड़े नेताओं को भी सीएम चयन का कार्य कांग्रेस आलाकमान पर छोड़ना चाहिए। अब पिछली हार से सबक लेते हुए आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। यहां कार्यकर्ताओं को महत्व नहीं दिया गया जबकि कार्यकर्ताओं को पहचान की जरूरत है। इस बात को लेकर भविष्य में ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर विधायक कुलदीप वत्स की पत्नी बबिता वत्स, मोनिका शर्मा पेलपा, सोमबीर बुपनियां सहित काफी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एवीएम पर प्रश्नचिह्न
कुमारी शैलजा ने कहा कि एवीएम पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया गया है। कांग्रेस कमेटी की ओर से चुनाव आयोग को शिकायत दी है। पार्टी की आगे की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है। कांग्रेस ने कमेटी का गठन किया है जो कि पूरे मामले में नजर रखे हुए है।
हुड्डा गुट ने बनाए रखी दूरी
कुमारी शैलजा ने सांसद बनने के बाद पहली बार बादली हलके में पहुंचकर कार्यकर्ताओं का आभार जताया। लेकिन उनके सम्मान समारोह से हुड्डा समर्थकों ने दूरी बनाए रखी। विधायक वत्स की पत्नी को छोड़ दिया जाए तो कोई भी बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन में नहीं पहुंचा। कुछ महिला कार्यकर्ता और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रचार करने वाले समर्थक तक नजर नहीं आए।