कार्यक्रम में मंच पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य। संवाद
रोहतक। कांग्रेस ने हरियाणा को शिक्षा का हब बनाया था, लेकिन भाजपा प्रदेश के शिक्षा तंत्र को आगे बढ़ाने में पूरी तरह विफल साबित हुई। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। वह रविवार को महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे थे। हरियाणा में उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति और उपाय विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (एचएफयूसीटीओ) की ओर से किया गया।
हुड्डा ने कहा कि शिक्षा पर मंथन करके आप लोग देश व प्रदेश के भविष्य पर चिंतन कर रहे हैं। आज के दौर में वही देश और समाज तरक्की करेगा जो शिक्षा के क्षेत्र में आगे होगा। पूर्व सीएम ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू शिक्षा के महत्व को बखूबी समझते थे। इसलिए उन्होंने उसे दौर में एम्स, आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों की स्थापना की। इसका नतीजा यह रहा कि आगे चलकर भारत के इंजीनियर, साइंटिस्ट और डॉक्टर्स ने पूरी दुनिया में नाम कमाया।
उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल में पंचकूला, हिसार, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, मेवात, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, जींद, भिवानी, सिरसा में बनवाए गए शिक्षण संस्थानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में स्टाफ और संसाधनों की कमी से लेकर रिसर्च और संचालन के लिए फंड के अभाव के तमाम मुद्दों को हर मंच पर उठाएंगे ताकि इनका समाधान हो सके। मौजूदा समय में सरकार एसजीडीपी का सिर्फ 2 प्रतिशत ही शिक्षा के क्षेत्र में खर्च कर रही है जबकि नई शिक्षा नीति के तहत यह खर्च कम से कम 6 प्रतिशत होना चाहिए।